
वाराणसी।अन्तर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र, बीएचयू, वाराणसी व सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क केन्द्र, गांधी नगर, गुजरात के संयुक्त तत्वावधान में ‘रिसर्च एथिक्स एंड एकेडेमिक इंटीग्रिटी: लीवरेजिंग डिजिटल टूल्स’ विषय पर पांच दिवसीय लघु अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन की शुरुआत डॉ. सुरभि, सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क केन्द्र, गांधी नगर के ‘शोध में ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेज’ विषय पर एक ज्ञानवर्द्धक व्याख्यान से हुई। उन्होंने बताया कि ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेज शोधकर्ताओं को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और मुक्त संसाधनों के माध्यम से शोध प्रक्रिया को गुणवत्तापरक बनाने में सहायक होती है। इस सत्र में प्रतिभागियों को ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेज के शोध में प्रभावी उपयोग के लिए रणनीतिक संभावनाओं से अवगत कराया गया।
द्वितीय वक्ता श्री हितेश सोलंकी, सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क केन्द्र, गांधी नगर ने ‘आर, जमोवी सॉफ्टवेयर के माध्यम से सांख्यिकीय विश्लेषण’ विषय पर ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण दिया। सत्र में प्रतिभागियों को आकड़ा विश्लेषण के मूल सिद्धांतों और आधुनिक टूल्स के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराया गया जो प्रतिभागियों में सांख्यिकीय विश्लेषण दक्षता बढ़ाने में मददगार रहा। दिन के तीसरे वक्ता डॉ. मितेशकुमार पांड्या, राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, गांधी नगर ने ‘प्रामाणिक और विश्वसनीय शोध पत्रिकाओं की पहचान: उपकरण और रणनीतियाँ’ विषय पर ऑनलाइन माध्यम से व्याख्यान दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को जालसाज़ी से बचने, प्रतिष्ठित शोध-पत्र चुनने और मूल्यांकन टूल्स के उपयोग करने की व्यावहारिक जानकारी दी। डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, आईयूसीटीई, बीएचयू, वाराणसी ने ‘डेटा संग्रहण और विश्लेषण हेतु नैतिक डिजिटल उपकरण’ विषय पर एक ज्ञानवर्द्धक व्याख्यान दिया। उन्होंने अपने सत्र में प्रतिभागियों को शोध में नैतिकता सुनिश्चित करने वाले डिजिटल टूल्स के चयन और उपयोग की रणनीतियाँ साझा की जो डिजिटल शोध पद्धतियों में पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। आज के अंतिम वक्ता डॉ. राज सिंह, आईयूसीटीई, बीएचयू, वाराणसी ने ‘स्टाइल मैनुअल्स: ए.पी.ए., एम.एल.ए. शिकागो, आई.ई.ई.ई.’ विषय पर एक महत्त्वपूर्ण व्याख्यान दिया। उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक लेखन शैलियों की संरचना, उद्धरण विधियों और संदर्भ प्रबंधन की तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की और हैंड्स-ऑन कराया।
इस पांच दिवसीय लघु अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार, दिल्ली, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित 11 राज्यों से 48 प्रतिभागी प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. चक्रधर राणा व श्री मनोज कुमार के. कर रहे हैं।
