सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा जी का यशस्वी दो वर्ष का कार्यकाल पूरा 

 

वाराणसी। शुक्रवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में माननीय कुलपति प्रो.बिहारी लाल शर्मा जी के दो वर्ष के सफल कार्यकाल के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय परिवार ने अभिनन्दन समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश कुमार, वित्त अधिकारी हरिशंकर मिश्र, प्रो. रामपूजन पांडेय, प्रो. महेन्द्र पांडेय, प्रो. अमित कुमार शुक्ल सहित समस्त विश्वविद्यालय परिवार ने माननीय कुलपति जी को माल्यार्पण कर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

*कुलपति जी की उपलब्धियां:*

माननीय कुलपति प्रो. बीएल शर्मा जी ने अपने कार्यकाल में विश्वविद्यालय की विकास यात्रा को आगे बढ़ाते हुए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इनमें से कुछ प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:

– *स्वच्छ परिसर और स्वस्थ वातावरण:* कुलपति जी ने विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।

– *नवीन दिशा देने वाले संस्कृत महाविद्यालय:* उन्होंने संस्कृत महाविद्यालयों को भी नवीन दिशा देने का कार्य किया है।

– *समय पर परीक्षाएं:* उन्होंने शास्त्री और आचार्य की परीक्षाओं को समय पर कराकर पिछड़े सत्र को नियमित किया है।

– *विकास समिति का गठन:* उन्होंने वाराणसी के उद्योगपतियों को जोड़कर विकास समिति का गठन किया है, जिससे विश्वविद्यालय के विकास में नई दिशा मिली है।

– *आधुनिक सुविधाएं:* उन्होंने अध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए नवीन दरिया, उत्कृष्ट टेबल, कुर्सी, बड़ा आरो प्लांट, वॉटर कूलर, आधुनिक डस्टबिन और कंप्यूटर लैब जैसी कई आधुनिक सुविधाएं प्रदान की हैं।

*योजनाएं क्रियान्वित:*

कुलपति जी ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए कई योजनाएं बनाई हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख योजनाएं इस प्रकार हैं:

– *नवीन सड़क निर्माण:* उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में अनेकों विकास की कड़ियों में अत्यन्त पुराने और जर्जर सड़क को नवीन निर्माण कराने का कार्य किया है।

– *सीवर पाइपलाइन और विद्युत तारों का नवीनीकरण:* उन्होंने सीवर पाइपलाइन और विद्युत तारों का नवीनीकरण कराने का कार्य किया है।

– *आधुनिक गेस्ट हाउस और अतिथि गृह:* उन्होंने शताब्दी भवन अतिथि गृह का नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के साथ ही एक भव्य आधुनिक अतिथि भवन का निर्माण कार्य चल रहा है।

– *रोजगारपरक पाठ्यक्रम:* उन्होंने विद्यार्थियों को रोजगारपरक बनाने के लिए कई पाठ्यक्रम संचालित किए हैं, जिनमें ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण और मंदिर प्रबंधन जैसे कौशल पाठ्यक्रम शामिल हैं।

इस अवसर पर माननीय कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा जी ने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया और कहा कि वह विश्वविद्यालय के विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।मेरे लिए देववाणी संस्कृत का संरक्षण एवं संवर्धन ही संकल्प विचार है।इसके लिए प्रत्येक क्षण संकल्पित होकर कार्य करते रहेंगे।इस संस्था के सभी वर्गों का सहयोग और समर्पण प्राप्त हुआ है।इसके साथ ही महामहिम श्री राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी सहित काशी के संभ्रांत नागरिकों एवं उद्योगपतियों का सहयोग, संरक्षण अनवरत प्राप्त होता रहा है। जिसके लिए सदैव आभारी हूं।

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