
वाराणसी ।मंगलवार को डोमरी, रामनगर, वाराणसी स्थित आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय में बाल शिक्षा मंडल काशी के संस्थापक आचार्य पंडित सीताराम चतुर्वेदी जी का 21वां पुण्यतिथि बहुत ही सादगी के साथ श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
सर्वप्रथम महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय, बाल विद्यालय, डोमरी के निदेशक मुकुल पाण्डेय, सी.एम.ओ अपूर्वा पाण्डेय, बाल विद्यालय, डोमरी की प्रधानाचार्या श्रीमती नीता त्रिपाठी ने आचार्य जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुरुआत किया।
इस अवसर पर संगीत शिक्षक श्री हरेंद्र पाण्डेय तथा दीपक मिश्र ने आचार्य जी का प्रिय भजन “झीनी रे झीनी चदरिया” तथा “वैष्णव जन” को प्रस्तुत किया।
महाविद्यालय की निदेशक ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए आचार्य जी बारे में उपस्थित लोगों को बताया। उन्होंने कहा कि वह आचार्य जी की प्रिय नतिनी हैं। आपने यह भी बताया कि आचार्य जी काशी में अपना शरीर नहीं त्यागना चाहते थे।
विद्यालय की शिक्षिका डॉली ने अपने विचार व्यक्त करते हुए आचार्य जी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके “चम्पू काव्य” के बारे में बताया।
विद्यालय के निदेशक मुकुल पाण्डेय ने अपने नाना आचार्य पंडित सीताराम जी के विद्वता के बारे में बताते हुए कहा कि नाना जी ने विभिन्न क्षेत्रों में अपना लोहा मनवाया था।
उन्होंने आचार्य जी द्वारा लिखित नाटक का मंचन विद्यालय में जल्द ही करवाने को कहा।
इस अवसर पर डॉ. अरुण कुमार दुबे ने भी अपना विचार व्यक्त किया।
महाविद्यालय तथा विद्यालय के सभी शिक्षक–शिक्षिकाओं तथा छात्राओं ने आचार्य जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. लक्ष्मी ने किया।
