
वाराणसी। कमच्छा स्थित वसंत कन्या महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय अनुभवात्मक कार्यशाला, प्रदर्शनी एवं बिक्री कार्यक्रम का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यशाला के अंतिम दिन छात्राओं में विशेष उत्साह एवं संतोष का वातावरण देखने को मिला। प्रतिभागियों ने लिप्पन आर्ट तथा खटवा-मिरर वर्क में अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों एवं आयोजक मंडल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यशाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप कौशल-आधारित एवं अनुभवात्मक शिक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने छात्राओं की रचनात्मकता, अनुशासन एवं समर्पण की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. सुधा पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ डॉ सुधा तिवारी , डॉ. श्वेता, डॉ. अरुंधति, डॉ. सुमन एवं डॉ. दिव्या राय प्रो. साधना अग्रवाल द्, डॉ ज्योति , डॉ स्वातिका , ने भी सक्रिय सहभागिता की।
सभी अतिथियों ने छात्राओं द्वारा निर्मित कलाकृतियों की सराहना करते हुए इसे स्वदेशी शिल्प परंपराओं के संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।
कार्यशाला के दौरान आयोजित प्रदर्शनी एवं बिक्री स्टॉल में छात्राओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों को भी सराहना एवं उत्साहजनक प्रतिसाद प्राप्त हुआ। प्रतिभागियों ने इसे न केवल एक शिक्षण अनुभव, बल्कि आत्मविश्वास एवं उद्यमिता की ओर एक प्रेरक कदम बताया।
गृह विज्ञान विभाग की इस पहल ने शैक्षणिक गुणवत्ता, सांस्कृतिक संवेदनशीलता एवं व्यावहारिक कौशल का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के सफल समापन पर सभी प्रतिभागी अत्यंत प्रसन्न एवं संतुष्ट दिखाई दिए।
संयोजिका प्रोफ़ संगीता देवड़िया ने सभी प्रतिभागियों, रिसोर्स पर्सन्स , रिसर्च स्कॉलर्स शालिनी प्रिया , उजाला सरोज , संयोगिता , तथा प्रयोगशाला सहायक पद्मा , योगिता और सोनी के साथ सभी वालंटियर बच्चों का धन्यवाद करते हुए उनके परिश्रम और कुशल प्रबंधन की सराहना की ।
