
वाराणसी। श्री अग्रसेन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, परमानंदपुर परिसर में रविवार को रोटरी गंगा एवं रोटरी इलिट के संयुक्त तत्वावधान में हरहुआ स्थित आरजे शंकर नेत्र चिकित्सालय के सहयोग से राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत निःशुल्क मोतियाबिंद जांच एवं शल्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शुभारंभ श्री काशी अग्रवाल समाज के सभापति संतोष अग्रवाल तथा मुख्य अतिथि पूर्व रोटरी मंडलाध्यक्ष संजय अग्रवाल द्वारा किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर मिथिलेश सिंह ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। स्वागत संबोधन में प्राचार्य प्रोफेसर मिथिलेश सिंह ने कहा कि नेत्र हमारे जीवन का अमूल्य उपहार हैं। पौष्टिक आहार, दूरभाष एवं अन्य दृश्य उपकरणों के सीमित उपयोग तथा नियमित जांच के माध्यम से नेत्रों की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। सभापति श्री संतोष अग्रवाल ने कहा कि नेत्र मानव जीवन के सबसे महत्वपूर्ण ज्ञानेंद्रिय अंग हैं, इसलिए संतुलित आहार और उचित देखभाल द्वारा इन्हें स्वस्थ रखना चाहिए। अध्यक्ष श्री दीपक अग्रवाल ने बताया कि मोतियाबिंद नेत्रों की एक सामान्य बीमारी है, जिसमें नेत्र के लेंस पर धुंधलापन आ जाता है और दृष्टि धीरे-धीरे कम होने लगती है। यह समस्या प्रायः बढ़ती आयु में होती है, किंतु समय पर शल्य चिकित्सा से इसका सफल उपचार संभव है। उन्होंने कहा कि यह शिविर विशेष रूप से उन जरूरतमंद लोगों के लिए आयोजित किया गया है जो जानकारी या आर्थिक कारणों से उपचार नहीं करा पाते।
प्रबंधक डॉ० मधु अग्रवाल ने कहा कि नियमित नेत्र परीक्षण से मोतियाबिंद, काला मोतिया तथा मधुमेह से संबंधित समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है और दृष्टि को सुरक्षित रखा जा सकता है।
शिविर में १५० से अधिक मरीजों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से ६० से अधिक मरीजों को शल्य चिकित्सा के लिए चयनित किया गया। विशेष रूप से एक ५ वर्षीय बालक का भी चयन हुआ, जिसके पूर्ण लेंस प्रत्यारोपण का समस्त व्यय पूर्व रोटरी मंडलाध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल द्वारा वहन किया जाएगा।कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर अनीता सिंह, सह-अधिष्ठाता डॉ० पूनम राय, श्रीमती शोभा प्रजापति, सामुदायिक केंद्र की समन्वयक डॉ० नीलू गर्ग, श्री सुजीत सिंह, श्री राम नरेश सहित महाविद्यालय के समस्त कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा।
