वाराणसी।सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के संस्कृत विद्या धर्म विभाग के आचार्य डॉ. रविशंकर पाण्डेय को शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की इकाई भारतीय भाषा समिति, नई दिल्ली द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में संसाधन व्यक्ति के रूप में आमंत्रित किया गया था ।

यह कार्यशाला दिनांक 24 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में “भारतीय भाषा पुस्तक योजना” के अंतर्गत संपन्न हुई।

कार्यशाला में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विशिष्ट विद्वानों ने सहभागिता की तथा भारतीय भाषाओं में विषयानुसार उच्चस्तरीय पाठ्यपुस्तकों के लेखन एवं अनुवाद की कार्य-योजना पर गहन विचार-विमर्श किया।

उल्लेखनीय है कि शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के आलोक में भारतीय भाषाओं में उच्च शिक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, न्यायशास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र आदि विविध विषयों के मौलिक ग्रंथ-लेखन एवं अनुवाद के लिए “भारतीय भाषा पुस्तक योजना” का निर्माण किया है। इस योजना का उद्देश्य 22 भारतीय भाषाओं में गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है, जिससे विद्यार्थियों को मातृभाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर सुलभ हो सके।

संस्कृत भाषा में आधुनिक विषयों का मौलिक लेखन एवं अनुवाद कार्य निश्चय ही विद्या-जगत में एक क्रांतिकारी पहल सिद्ध होगा, जो भारतीय ज्ञान-परंपरा और समकालीन शिक्षा के मध्य सशक्त सेतु का निर्माण करेगा।

इस महत्त्वपूर्ण योजना को सफल बनाने हेतु कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के नेतृत्व में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय को भी एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि निःसंदेह, “भारतीय भाषा पुस्तक योजना” भारतीय भाषाओं के संवर्धन, उच्च शिक्षा में आत्मनिर्भरता तथा ज्ञान के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक युगांतरकारी अभियान सिद्ध होगी।

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