
वाराणसी ।रविवार को वसंत कन्या महाविद्यालय द्वारा अभासिय-पटल माध्यम से अभिभावक- शिक्षक- समागम का आयोजन किया गया | इस कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय की प्रेरणा-स्त्रोत एवं आदर्श एनी बसंत को स्मरण करते हुए प्राचार्य प्रो० रचना श्रीवास्तव के आशीर्वचनों के साथ हुआ |
महोदया ने अपने उद्बोधन में छात्राओं के समुचित विकास के महत्व को उजागर किया और अनुशासन को जीवन की सफलता का आवश्यक अंग बताया | प्राचार्य ने कहा की अभिभावकों को भी ध्यान देने की आवश्यकता है की उनकी बच्चियां कक्षाओं को लेकर कितनी गंभीर हैं और वे समय-समय पर इंटरनल टेस्ट देती हैं या नहीं | महाविद्यालय की आतंरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ० नयरंजना श्रीवास्तव ने महाविध्यालय की विभिन्न अकादमिक और सांस्कृतिक पाठ्यक्रम और गतिविधियों से अभिभावकों को परिचित कराया और अभिभावकों से आग्रह किया कि छात्राएं महाविद्यालय की सभी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भागीदारी दें | इसी के साथ महाविद्यालय की छात्र- सलाहकार-समिति की प्रभारी डॉ० मंजू कुमारी ने किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकास की ओर भी ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया, जो कि नई-शिक्षा-निति 2020 का मुख्या उद्देश्य भी है, इस उद्देश्य से अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है | उन्होंने विशेष जोर देकर इस बात को भी कहा की अभिभावक छात्राओं के विषयगत रूचि पर ध्यान दें और अपने निर्णयों को छात्राओं पर थोपने का प्रयास न करें | स्वयं के निर्णय लेने की क्षमता का विकास होना भी आवश्यक है | इस कार्यक्रम के द्वारा अभिभाकों को महाविद्यालय में शरू हुए नये पाठ्यक्रमों की भी जानकारी उपलब्ध करायी गई जैसे- बी.COM कॉम, बी.एफ.ए., फ्रेंच-जर्मन भाषा, कौशल आधारित इंटर्नशिप प्रोग्राम आदि | इस कार्यक्रम में शिक्षकों द्वारा प्रतिपुष्टि हेतु लिंक भी साझा करते हुए अभिभावकों के सुझाव भी आमंत्रित किये गए | संवाद के दौरान अभिभावकों ने अपने अनुभव और सुझाव दोनों साझा किये | उनके द्वारा महाविद्यालय के शैक्षणिक और सांस्कृतिक वातावरण की प्रशंसा की गई और सभी के द्वारा सकारात्मक प्रतिक्रिया दी गई | अभिभावकों ने बताया की महावियालय में नियमित कक्षाएं होती हैं | शिक्षिकाए बहुत मेहनत और लगन से बच्चों को पढ़तीं हैं | लाइब्रेरी की सुविधा भी बहुत अच्छी है | इस कार्यक्रम का सञ्चालन डॉ० शाशिकेश कुमार गौड़, धन्यवाद ज्ञापन डॉ० प्रतिमा सिंह और रिपोर्ट लेखन डॉ० वर्षा सिंह के द्वारा किया गया | इस कार्यक्रम में डॉ० शांता चटर्जी, डॉ० पूनम पाण्डेय, डॉ० पूर्णिमा सिंह, डॉ० कल्पना आनंद एवं सभी विभाग से शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थीं |
