
रिपोर्ट अशरफ़
प्रयागराज।यमुनानगर के बारा क्षेत्र में स्थित प्रयागराज पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PPGCL) के अंदर हालात बेकाबू नजर आए। अपनी मेहनत के पसीने की सही कीमत और सम्मान की मांग को लेकर 4000 से अधिक मजदूरों ने कंपनी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। काम ठप कर मजदूर धरने पर बैठ गए हैं, जिससे प्लांट परिसर में हड़कंप मच गया है।
मजदूरों का आरोप है कि कंपनी उनका आर्थिक और शारीरिक शोषण कर रही है।
उनकी प्रमुख मांगें 12 घंटे की ड्यूटी का विरोध है।मजदूरों का कहना है कि उनसे जबरन 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है। उनकी मांग है कि श्रम नियमों के अनुसार ड्यूटी को 8 घंटे किया जाए।
कहना है कि महंगाई के इस दौर में पुराने और कम मानदेय पर काम करना अब मजदूरों के लिए मुमकिन नहीं है। वर्करों ने वेतन वृद्धि (मानदेय बढ़ाने) की पुरजोर मांग की है।मजदूर अब केवल बातों से मानने को तैयार नहीं हैं; वे प्रबंधन से लिखित आश्वासन पर अड़े हुए हैं।
सुबह से ही मजदूरों का हुजूम कंपनी परिसर में जुटना शुरू हो गया था। देखते ही देखते संख्या 4000 के पार पहुँच गई। मजदूरों के नारों से पूरा बारा इलाका गूंज उठा ।प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और प्रशासन लिखित में जिम्मेदारी नहीं लेता, तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी।”हम अपना हक मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते!”प्रदर्शनकारी मजदूरों की गूंज।
इतनी बड़ी संख्या में मजदूरों के प्रदर्शन को देखते हुए कंपनी प्रबंधन के पसीने छूट रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय पुलिस बल भी मुस्तैद है। फिलहाल गतिरोध बरकरार है और कंपनी के उत्पादन पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अब देखना यह होगा कि PPGCL प्रशासन इन हजारों मजदूरों की जायज मांगों के आगे झुकता है या यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा।
