वाराणसी। अक्षय तृतीया (19 अप्रैल), जिसे अखा तीज के नाम से भी जाना जाता है, के अवसर पर जनपद वाराणसी के समस्त नागरिकों से जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री पंकज कुमार मिश्रा द्वारा यह अनुरोध किया गया है कि इस शुभ दिन को सामाजिक कुरीतियों से मुक्त रखते हुए, विशेष रूप से बाल विवाह जैसी अवैध एवं हानिकारक प्रथा को पूर्णतः रोकने में प्रशासन का सहयोग करें। यह भी देखा गया है कि इस दिन अब भी बाल विवाह जैसी घटनाएं संज्ञान में आती हैं, जिन्हें रोकना अत्यंत आवश्यक है।

 

बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बालकों एवं बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भविष्य के साथ गंभीर अन्याय है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत निम्न प्रावधान लागू हैं:

 

सजा (Punishment): बाल विवाह कराने, करवाने या उसमें भाग लेने वाले व्यक्तियों को 2 वर्ष तक का कठोर कारावास हो सकता है।

 

जुर्माना (Fine): दोषी व्यक्ति पर ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

 

किसे सजा हो सकती है:

 

बाल विवाह कराने वाले अभिभावक या संरक्षक

 

*विवाह कराने वाला पुजारी/काजी/पंडित या आयोजक*

विवाह में सहयोग या प्रोत्साहन देने वाला कोई भी व्यक्ति वयस्क वर (यदि वह बालिका से विवाह कर रहा हो) अतः सभी अभिभावकों, ग्राम प्रधानों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों एवं पुलिस विभाग से यह अनुरोध किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सतर्क निगरानी रखें एवं किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तत्काल प्रशासन को दें। पुलिस विभाग से भी अनुरोध किया गया है कि ऐसे मामलों में त्वरित संज्ञान लेते हुए आवश्यक विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करें।

जनपद स्तर पर विशेष निगरानी दल गठित किए गए हैं, जो अक्षय तृतीया के अवसर पर सक्रिय रूप से कार्य करेंगे। किसी भी प्रकार की सूचना निम्न माध्यमों से दी जा सकती है। चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098

पुलिस आपातकालीन सेवा: 112

महिला हेल्पलाइन: 181

आपका एक छोटा सा प्रयास किसी बच्चे का भविष्य सुरक्षित कर सकता है।आइए, मिलकर बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *