वाराणसी । सोमवार को अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूसीटीई) में “इंटीग्रेटिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन लाइफ साइंसेज़ टीचिंग एंड लर्निंग” विषय पर पाँच दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

इस कार्यशाला की शुरुआत कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. कुशाग्री सिंह, सहायक प्राध्यापक, आईयूसीटीई, वाराणसी द्वारा की गई।

इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए संस्थान की दृष्टि, मिशन तथा कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।

उन्होंने बताया कि आईयूसीटीई का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण एवं सक्षम शिक्षकों का निर्माण करना है। इस कार्यशाला में कुल 10 सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

दिन के प्रथम वक्ता, प्रो. विशाल श्रीवास्तव, थापर विश्वविद्यालय, पटियाला ने “फ़ाउंडेशन्स ऑफ़ आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस इन लाइफ़ साइंसेज़ एजुकेशन” विषय पर व्याख्यान दिया।

उन्होंने बताया कि एआई किस प्रकार जीवन विज्ञान के शिक्षण को अधिक प्रभावी और शोधपरक बना सकता है। द्वितीय सत्र की वक्ता डॉ. कुशाग्री सिंह, सहायक प्राध्यापक, आईयूसीटीई ने “एक्टिव लर्निंग पेडागॉजी इन द एज ऑफ़ एआई” पर चर्चा की।

उन्होंने शिक्षण में सहभागिता आधारित दृष्टिकोण और एआई उपकरणों के प्रयोग की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

यह कार्यशाला शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शैक्षिक आयामों को समझने और अपनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतिभागी प्रतिभाग कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *