तपती धूप की : -हिवेट से बचना क्यों जरुरी है ?: – साक्षी पाण्डेय 

जब सूरज सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि आग बरसाने लगे..जब घर से बाहर निकलते ही ऐसा लगे जैसे किसी ने चेहरे पर गर्म हवा का तप्पड़ मर दिया हो.. समझ जाइये, यह सामान्य गर्मी नहीं, हिटवेट है |

 

मई – जून की दोपहर थी | सूरज जैसे आशमान से आग बरसा रहा था | सड़क पर चलते लोग अपने चेहरे ढक रहे थे, लेकिन फिर भी गर्म हवाओ के थपेड़े शरीर को थका रहे थे | उसी रास्ते पर एक व्यक्ति जल्दी – जल्दी घर पहुंचने की कोशिश कर रहा था | कुछ देर बाद उसे चक्कर आने लगे, सिर भारी होने लगा और शरीर कमजोर महसूस होने लगा यह सिर्फ गर्मी नहीं थी — यह हिटवेट का असर था |

आजकल बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम के कारण हिटवेट आम होती जा रही है | यह केवल असुविधा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी बन सकती है | अत्यधिक गर्मी शरीर से पानी और जरुरी मिनरल्स कम कर देती है, जिससे डीहाईड्रेसन, कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द और हीटस्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हो सकती है |

उक्त बाते साक्षी पाण्डेय

क्लिनिकल डाइटीसियन ने बताया

 

क्या करें ( DOs)

 

*दिनभर पर्याप्त मात्रा मे पानी पीते रहे |

*नारियल पानी का सेवन करें |

*गोंद कतीरा को रातभर भिगोकर दूध या पानी मे ले सकते है |

*केला + चुटकी भर नमक लेने से इलेक्ट्रोलाइट संतुलन मे मदद मिल सकती है |

*नींबू पानी, छाछ, लस्सी, बेल सरबत और अन्य तरल पदार्थ ले |

*हल्के रंग के और सूती कपड़े पहने 

*दोपहर 12 – 4 बजे तक तेज धूप से बचे |

 

क्या न करें ( DON’T s)

 

*खाली पेट धूप मे न निकले 

*बहुत ज्यादा चाय, कॉफ़ी और शक्कर वाले ड्रिंक्स न ले 

*तला – भुना और भारी भोजन ज्यादा न ले 

*चक्कर, कमजोरी या सिरदर्द जैसे संकेतो को नजर अंदाज न करें |

 

इस गर्मी याद रखे — पानी, सही पोषण और थोड़ी सावधानी आपको स्वस्थ और सुरक्षित रख सकती है

 

साक्षी पाण्डेय,क्लिनिकल डाइटीसियन

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