
वाराणसी।सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित “शताब्दी भवन अतिथि गृह” में चल रहे नवीनीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस अवसर पर उन्होंने सभी संकायाध्यक्षों एवं चीफ प्रॉक्टर सहित अन्य अधिकारियों के साथ भूतल एवं प्रथम तल के कक्षों, सभागार, मिनी हाल आदि में प्रगति की बारीकी से समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान भवन की आंतरिक साज-सज्जा, फॉल सीलिंग, वातानुकूलन (एसी) व्यवस्था तथा उपवेशन (बैठक) की सुविधाओं पर विशेष चर्चा की गई। कुलपति ने निर्देश दिया कि नवीनीकरण कार्यों में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ विश्वविद्यालय की पारंपरिक गरिमा का भी समुचित समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि यह भवन अतिथि सत्कार एवं अकादमिक आयोजनों के लिए आदर्श केंद्र बन सके।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि शताब्दी भवन विश्वविद्यालय की गरिमा और प्रतिष्ठा का प्रतीक है। इसका नवीनीकरण इस प्रकार किया जा रहा है कि यहां आने वाले विद्वानों, अतिथियों एवं विभिन्न आयोजनों को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हों और यह भवन विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ करे।
इसके उपरांत कुलपति ने लालभवन में चल रहे नवीनीकरण कार्यों का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी और सभी परियोजनाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण की जाएं।
इस अवसर पर कुलसचिव राकेश कुमार, प्रो. जीतेन्द्र कुमार, प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल, प्रो. रमेश प्रसाद, प्रो. महेन्द्र पाण्डेय, प्रो. विधु द्विवेदी, प्रो. शैलेश कुमार मिश्र एवं प्रो. दिनेश कुमार गर्ग सहित अन्य अधिकारी एवं संकायाध्यक्ष उपस्थित रहे।
