
वाराणसी। अखिल भारतीय सनातन न्यास, जैतपुरा वाराणसी द्वारा आयोजित राम कथा के दूसरे दिन मंगलवार को राष्ट्रीय संत पूज्य बालक देवाचार्य जी महाराज ने श्रोताओं को बताया कि जब सती जी का जन्म हुआ, तो राजा हिमाचल के यहां तब माता सुनयना ने महर्षि नारद जी को जानकारी दी। तत्पश्चात् नारद जी ने कन्या के गुण दोष के आधार पर उनका विवाह शिवाजी से होने की बात हस्तरेखा को देखकर बताया। काफी दिनों तक बगैर अन्य जल का परित्याग करके उन्होंने शिव जी से आशीर्वाद प्राप्त किया तब जाकर सही समय पर बारात राजा हिमाचल की राजमहल पहुंची। वहां सुर – नर – मुनि – गंधर्व अपने नेत्रों को सफल बनाने के लिए वहां के विवाह में शामिल हुए ।
उक्त अवसर पर काशी के प्रमुख मानस वक्ता पंडित वेद प्रकाश मिश्रा कलाधर ने कहा कि माता पार्वती एवं शिव विवाह पर जो नर नारी शामिल हुए वह परम सौभाग्यशाली थे।
अंत में व्यास पीठ की आरती डॉक्टर अजय जायसवाल, डॉक्टर पुष्पा जायसवाल, प्रमोद यादव मुन्ना, जयशंकर गुप्ता, संजय महाराज, गीता चौबे, असीम कुमार, अनिल वर्मा, दिव्यांश गुप्ता, विनीत कुमार, वतन कुशवाहा, साहिल वर्मा, रविप्रकाश जायसवाल इत्यादि ने व्यास पीठ की आरती उतारी।
मंच का संचालन प्रधान सचिव राजेश सेठ ने किया।










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