अवध में चारों भैय्यन के जन्म के खबर को सुनकर राजा दशरथ व नगर वासी झूम उठे

मानस प्रवचन का तीसरा दिन

 

वाराणसी। अखिल भारतीय सनातन न्यास, जैतपुरा वाराणसी द्वारा आयोजित राम कथा के तृतीय दिवस बुधवार को पूज्य जगतगुरु श्री बालक देवाचार्य जी महाराज ने कहा कि राजा दशरथ के एक भी पुत्र न होने की चिंता से जब वह राजगुरु वशिष्ठ से इसका उपाय पूछा तब महर्षि वशिष्ठ ने श्रृंगी ऋषि द्वारा पुत्र कामाग्नि यज्ञ करने की सलाह दी। इसके पश्चात् यज्ञ पूर्ण होने पर जब तीनों रानियों ने चारों पुत्रों को जन्म दिया तब भाट लोगों वृदावली गाते हुए राजमहल में पहुंचे तथा उन्होंने चारों राजकुमारों के जन्म लेने की बात महाराज से गाकर सुनाया। तब वह खुशी से बहुत ही नाच उठे और उन्होंने सोने चांदी एवं तमाम स्वर्ण मुद्राओं को देकर उन्हें विदा किया।

इस अवसर पर काशी के मूर्धन्य मानस वक्ता पंडित वेद प्रकाश मिश्र ‘कलाधर’ ने कहा कि प्रभु राम सहित तीनों भाइयों के जन्म से ऋषि मुनि गंधर्व की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। भगवान राम के जन्म के पश्चात जो झांकी निकाली गई उसे वहां का माहौल मंगलमय हो उठा तथा उपस्थित श्रोता “बोल दे चारों भैय्यन की जय”, “जय अयोध्या लाल की – हाथी घोड़ा पालकी” इत्यादि के नारों से वहां का माहौल भक्तिमय हो उठा।

अंत में व्यास पीठ की आरती डॉक्टर अजय कुमार, राजेश सेठ, विनीत कुमार, रवि प्रकाश, जयशंकर गुप्ता, विजय जायसवाल, रविनंदन तिवारी, किशोर सेठ, जगनारायण गुप्ता, छेदीलाल जी, श्री प्रकाश जी, अनामिका जी, ममता जी, सरिता जी, किशोर सेठ, कमल कुमार सिंह, इंदु वर्मा, भैयालाल जायसवाल, प्रमोद यादव मुन्ना इत्यादि ने व्यास पीठ की आरती उतारी।

मंच का संचालन प्रधान सचिव राजेश सेठ ने किया।

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