अंक ज्योतिषाचार्य श्रीमती सरिता अग्रवाल द्वारा जाने पितृपक्ष में किए जाने वाले उपाय

 

पितृपक्ष कल 26 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर (सर्वपितृ अमावस्या) तक रहेगा। पूर्णिमा का श्राद्ध 26 सितंबर को ही किया जाएगा। इस दिन उन पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि पर हुई हो । मुख्य पितृ पक्ष की औपचारिक शुरुआत 27 सितंबर (प्रतिपदा तिथि) से होगी ।

 

 

मूलांक के अनुसार पितृपक्ष में ये उपाय करने से पितृ दोष शांत होता है और पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है:

 

*सभी मूलांकों (1 से 9) के लिए पितृपक्ष के दौरान किए जाने वाले सबसे उत्तम और अचूक उपाय*

 

अंक ज्योतिष के अनुसार, हर मूलांक का संबंध किसी न किसी विशेष ग्रह और ऊर्जा से होता है। पितृपक्ष में इन ग्रहों के अनुसार दान और सेवा करने से पूर्वज शीघ्र प्रसन्न होते हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं:

 

मूलांक 1 ( 1, 10, 19, 28 तारीख को जन्मे लोगों आपका मुख्य ग्रह है सूर्य )

उपाय:आपको रोजाना सुबह तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन और काले तिल मिलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों को अर्घ्य देना चाहिए।

दान: रविवार या अमावस्या के दिन किसी गरीब या ब्राह्मण को गेहूं, गुड़ या तांबे के बर्तन का दान करें।

 

मूलांक 2 ( 2, 11, 20, 29 तारीख को जन्मे लोगों आपका मुख्य ग्रह है चंद्रमा )

उपाय: मानसिक शांति और पितृ कृपा के लिए रोजाना शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें। पितृपक्ष के दौरान अपनी माता या माता समान महिलाओं का आशीर्वाद लें।

दान: सोमवार को चावल, दूध, चांदी या सफेद वस्त्रों का दान किसी जरूरतमंद को करें।

 

मूलांक 3 ( 3, 12, 21, 30 तारीख को जन्मे लोगों आपका मुख्य ग्रह है वृहस्पति गुरु )

उपाय: घर के बुजुर्गों और गुरुओं की सेवा करें। रोज सुबह विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या सुनें। पीपल के पेड़ के पास जाकर जल चढ़ाएं और स्वयं को हल्दी का तिलक लगाएं।

दान: बृहस्पतिवार को धार्मिक पुस्तकों, चने की दाल, केला या पीले रंग के अन्न का दान करना आपके लिए सर्वश्रेष्ठ है।

 

मूलांक 4 ( 4, 13, 22, 31तारीख को जन्मे लोगों आपका मुख्य ग्रह है राहु )

उपाय: राहु दोष और पितृ दोष को शांत करने के लिए कौवों और काले कुत्तों को मीठी रोटी या बिस्कुट खिलाएं। घर के दक्षिण कोने को हमेशा साफ-सुथरा रखें।

दान: शनिवार को किसी सफाई कर्मचारी या जरूरतमंद को काले तिल, उड़द की दाल या पुराना कपड़ा दान करें।

 

मूलांक 5 ( 5, 14, 23 तारीख को जन्मे लोगों आपका मुख्य ग्रह है बुध )

उपाय: पितृपक्ष में रोजाना गाय को हरी घास या पालक खिलाएं। पक्षियों के लिए छत पर मिट्टी के बर्तन में दाना और पानी की व्यवस्था करें।

दान: बुधवार को अनाथ आश्रम या गरीब बच्चों को हरे मूंग की दाल, फल या हरी सब्जियां दान में दें।

 

मूलांक 6 ( 6, 15, 24 तारीख को जन्मे लोगों आपका मुख्य ग्रह है शुक्र )

उपाय: घर की सुख-समृद्धि के लिए शाम के समय कपूर और सुगंधित धूप जलाएं। महिलाओं और कन्याओं का आदर करें।

दान: शुक्रवार या अमावस्या के दिन किसी गरीब महिला को मिश्री, खीर, सफेद मिठाई या वस्त्र दान करें।

 

मूलांक 7 ( 7, 16, 25 तारीख को जन्मे लोगों आपका मुख्य ग्रह है केतु )

उपाय: शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं। आवारा कुत्तों को दूध या ब्रेड खिलाएं।

दान: शनिवार को किसी मंदिर या जरूरतमंद को कंबल, छाता या सात प्रकार के अनाज (सतनाजा) का दान करें।

 

मूलांक 8 ( 8, 17, 26 तारीख को जन्मे लोगों आपका मुख्य ग्रह है शनि )

उपाय: शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं। पीपल के वृक्ष की सात बार परिक्रमा करें और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” या “ॐ पितृभ्यः नमः” का जाप करें।

दान: शनिवार को कुष्ठ रोगियों या शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को जूते-चप्पल, काले कपड़े, छाता या सरसों का तेल दान करें।

 

मूलांक 9 ( 9, 18, 27 तारीख को जन्मे लोगों आपका मुख्य ग्रह है मंगल )

उपाय: रोज सुबह-शाम हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें। भाइयों के साथ संबंध अच्छे रखें और किसी से विवाद न करें।दान: मंगलवार को किसी लंगर या भंडारे में लाल मसूर की दाल, गुड़ या लाल रंग के फल का दान करें।

 

वह उपाय जो कोई भी कर सकता है (सर्वभौमिक महा-उपाय) यदि आपको अपनी जन्मतिथि नहीं मालूम और अपना मूलांक नहीं जानते हैं, तो पितृपक्ष में रोज़ाना दोपहर के समय ||”ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः॥

मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके साथ ही, दोपहर में निकाला जाने वाला ‘पञ्चबलि भोग’ (गाय, कुत्ता, कौआ, देव और चींटी के लिए भोजन का हिस्सा) जरूर निकालें। इससे सभी प्रकार के पितृ दोष शांत होते हैं।

 

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