
वाराणसी। कमच्छा स्थित वसंत कन्या महाविद्यालय में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में शनिवार को महाविद्यालय के सेमिनार कक्ष में सूचना का अधिकार अधिनियम- 2005 विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालय शिक्षण / शिक्षेणतर कर्मचारियों को सूचना के अधिकार, उसकी उपयोगिता, प्रक्रिया तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था में उसकी भूमिका के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. स्वाति बिस्वास, संयुक्त कुलसचिव (शैक्षणिक मामले), आईंआईंटी, बीएचयू रहीं।
उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि सूचना का अधिकार नागरिकों को शासन एवं प्रशासन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम प्रदान करता है। उन्होंने सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया, आवेदन की प्रक्रिया, लोक सूचना अधिकारी की भूमिका तथा अधिनियम के व्यावहारिक पक्षों की जानकारी भी दी।
डॉ. बिस्वास ने कहा कि सूचना का अधिकार केवल सूचना प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों को सशक्त बनाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को मजबूत करने का महत्वपूर्ण साधन है।
उन्होंने अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान समय में अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ नागरिक अधिकारों एवं संवैधानिक व्यवस्थाओं की जानकारी भी आवश्यक है। उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को सबके लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकों एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। व्याख्यान के दौरान वक्ता द्वारा प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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