
विधि और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों का हुआ सम्मान
राजातालाब। लोकबंधु राजनारायण विधि महाविद्यालय मोतीकोट गंगापुर में 23 वां स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. रंजन कुमार, मनीष सिंह, प्रो. ओम शर्मा और डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और लोकबंधु राजनारायण के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
महाविद्यालय की ओर से संस्थापक निदेशक डॉ. अभिषेक सिंह ने कहा कि वर्ष 2004 में स्थापित इस महाविद्यालय ने विगत 23 वर्षों में विधि शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। महाविद्यालय में 2004 में एलएलबी त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम के साथ वर्ष 2022 में बीए एलएलबी पंचवर्षीय पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया गया। महाविद्यालय की स्थापना से लेकर आज तक की विकास यात्रा में संस्थापकगण, प्रबंधन, शिक्षकगण, पुरातन और वर्तमान छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
समारोह का मुख्य आकर्षण विधि एवं सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विधि शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सम्मान रहा। महाविद्यालय के संस्थापक निदेशक डॉ. अभिषेक सिंह और शिक्षकों द्वारा प्रो. रंजन कुमार, मनीष सिंह, प्रो. ओम शर्मा, डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह, डॉ. डीके राय, डॉ. संजीत, सीपी शुक्ला, डॉ. शिव कैलाश, डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता, डॉ. मृत्युंजय कुमार राय, डॉ. हंसराज, धनंजय कुमार शर्मा, डॉ. शशांक सिंह चंदेल आदि विधि और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर परअधिवक्ता मनीष सिंह ने कहा कि विधि स्नातक का दायित्व सामाजिक समरसता उत्पन्न करना तथा समाज को नई दिशा प्रदान करना है। प्रो. रंजन कुमार ने कहा कि विधि शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार लाती है और समाज में अलग पहचान बनाती है। डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा कि विधि शिक्षा का मूल उद्देश्य विवेक उत्पन्न करना है और यह तभी सार्थक होगा जब बिना किसी भय के सही को सही कहने का हौसला हो। यह महाविद्यालय एक तीर्थ स्थल है जहां राजनारायण जैसे विवेकशील महापुरुष ने जन्म लिया। संस्थापक निदेशक डॉ. अभिषेक सिंह ने कहा कि आप केवल विधि के विद्यार्थी न बनें बल्कि न्याय, संविधान, विधिक चेतना और सामाजिक दायित्व के सजग प्रहरी बनें। महाविद्यालय का उद्देश्य विधि शिक्षा को सामाजिक रूप से समाज के उत्थान के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम का संचालन करुणामय ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अभिषेक सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. नीरज पाठक, डॉ. आलोक कुमार राय, डॉ. सरोज वर्मा, डॉ. विजय कुमार, करुणामय, समीर कांत पाठक, योगेश कुमार सिंह, नरेंद्र देव सिंह, शिव प्रकाश पांडेय, सुनीता सहित महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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