केजीबीवी चिरईगांव में ‘प्रकृति भक्ति’ प्रतियोगिताओं का आयोजन

खंड शिक्षा अधिकारी व एआरपी ने बच्चों को दिए जल संरक्षण व ओजोन परत के वैज्ञानिक संदेश

 

वाराणसी।चिरईगांव कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) चिरईगांव में बालिकाओं के भीतर पर्यावरण चेतना जगाने और उनकी वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘प्रकृति भक्ति’ विषय पर विविध प्रतियोगिताओं एवं ज्ञानवर्धक संवाद सत्र का आयोजन किया गया।

 

जल संरक्षण, सीएफसी और ओजोन परत पर जीवंत संवाद

कार्यक्रम के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रीति सिंह और विज्ञान विषय की एआरपी श्रीमती रश्मि त्रिपाठी ने बालिकाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण पर गहन बातचीत की।

 

संवाद सत्र के दौरान प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई:- उपयोग योग्य जल की कमी: पृथ्वी पर कुल जल में से पीने योग्य (उपयोग योग्य) जल की सीमित मात्रा और उसके विवेकपूर्ण उपयोग के कारणों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया गया।

भूजल संरक्षण व रेन वाटर हार्वेस्टिंग: गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) की तकनीकों और दैनिक जीवन में जल की बचत के तरीकों पर चर्चा की गई।

 

ओजोन परत व क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC): वायु प्रदूषण, सीएफसी गैसों के दुष्प्रभावों और ओजोन परत के संरक्षण के महत्व पर बालिकाओं से संवाद किया गया।

 

छात्राओं ने बिना किसी झिझक के खुलकर अपने प्रश्न पूछे और परस्पर चर्चा में बढ़-चढ़कर भाग लिया। खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रीति सिंह ने बच्चों को व्यावहारिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया।

 

 

इस विशेष आयोजन की प्रेरणा ब्रिटेन (लंदन) निवासी श्री संदीप शर्मा जी से मिली, जो शिक्षिका श्रीमती कल्पना तिवारी जी के मित्र हैं। श्री शर्मा का प्रयास है कि अधिक से अधिक मेधावी बच्चों को ‘प्रकृति भक्ति’ लोगो अंकित बैग देकर प्रोत्साहित किया जाए, ताकि वे अपनी शिक्षण सामग्री सुरक्षित रख सकें और पढ़ाई में उनका मन लगे तथा पर्यावरण जागरूक सिपाही बने जिनके छोटे प्रयास भविष्य में बड़ा परिवर्तन ला सके।

 

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती उपासना जी का विशेष योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से बालिकाओं ने सभी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनके इस सराहनीय प्रयास के लिए आयोजकों द्वारा उनका आभार व्यक्त किया गया।

 

छात्राओं ने दिखाया हुनर

बालिकाओं की रचनात्मकता को निखारने के लिए तीन मुख्य विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं:

* लेखन प्रतियोगिता: पर्यावरण सुरक्षा और जल संरक्षण पर बालिकाओं ने मौलिक विचार लिखे।

* चित्रकला प्रतियोगिता: कैनवास पर रंगों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण और स्वच्छता का संदेश उकेरा।

* भाषण प्रतियोगिता: ओजस्वी भाषणों के माध्यम से वायु प्रदूषण, ओजोन परत और ऊर्जा संरक्षण पर अपने विचार रखे।

 

पुरस्कार वितरण एवं सम्मान

समारोह के समापन पर खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रीति सिंह, एआरपी विज्ञान श्रीमती रश्मि त्रिपाठी और श्रीमती कल्पना तिवारी ने संयुक्त रूप से विजेता और प्रतिभागी बालिकाओं को ‘प्रकृति भक्ति’ लोगो अंकित विशेष बैग वितरित कर सम्मानित किया। बैग पाकर खिलखिलाते बच्चों के चेहरों के साथ यह प्रेरणादायी आयोजन संपन्न हुआ।

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