
तकनीक के साथ सामाजिक सरोकारों पर भी विद्यार्थियों का फोकस
आगरा।कुलपति प्रो. आशु रानी ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे केवल नौकरी पाने वाले जॉब सीकर बनने तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी प्रतिभा, नवाचार और रचनात्मक सोच के माध्यम से जॉब क्रिएटर बनने की दिशा में आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के नए विचारों को स्टार्टअप में परिवर्तित करने के लिए विश्वविद्यालय में अनुकूल एवं सहयोगात्मक वातावरण विकसित किया जा रहा है।
कुलपति ने ये विचार डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के विवेकानंद इनक्यूबेशन फाउंडेशन (VIF) द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित “VIF Innovation Challenge: Student Startups and Orientation Programme” में व्यक्त किए। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना तथा उन्हें वीआईएफ इनोवेशन चैलेंज के माध्यम से उपलब्ध मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग एवं इनक्यूबेशन के अवसरों से परिचित कराना रहा।
प्रो. आशु रानी ने कहा कि विश्वविद्यालय में उद्यमिता एवं नवाचार के लिए अनुकूल इकोसिस्टम विकसित करने में विवेकानंद इनक्यूबेशन फाउंडेशन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए वीआईएफ के मेंटर्स, प्रबंधकों, कंसल्टेंट्स एवं पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की।
कुलपति ने विद्यार्थियों से अपने अभिनव विचारों एवं स्टार्टअप आइडिया को विवेकानंद इनक्यूबेशन फाउंडेशन के माध्यम से प्रस्तुत करने तथा VIF Innovation Challenge में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्टार्टअप एवं इनोवेशन गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से वर्ष के अंत तक 50 सफल स्टार्टअप विकसित करने के लक्ष्य की भी जानकारी दी।
प्रो. आशु रानी ने कहा कि इस पहल के माध्यम से विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों की नवाचार क्षमता को मंच प्रदान करना, उनके विचारों को व्यावहारिक एवं बाजारोन्मुख समाधानों में परिवर्तित करने में सहयोग देना तथा उन्हें आत्मनिर्भर एवं उद्यमशील बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, स्टार्टअप संस्थापकों, वीआईएफ प्रबंधकों एवं कंसल्टेंट्स ने सहभागिता की। इस दौरान विद्यार्थियों ने खाद्य एवं उत्पादों में पारदर्शिता, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, शिक्षा प्रौद्योगिकी, पर्यटन, सतत अपशिष्ट प्रबंधन, रिटेल टेक्नोलॉजी, दिव्यांगजनों के लिए तकनीकी समाधान, कृषि एवं लोकेशन आधारित सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपने नवाचार एवं स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए।
प्रमुख प्रस्तुतियों में Vouch शामिल रहा, जो खाद्य पदार्थों, स्किनकेयर एवं सप्लीमेंट्स में प्रयुक्त सामग्री की पारदर्शिता एवं परीक्षण से संबंधित समाधान पर कार्य कर रहा है। Cyber LLP/Sadhya Technologies द्वारा साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण, पेनेट्रेशन टेस्टिंग एवं साइबर ऑडिटिंग से संबंधित समाधान प्रस्तुत किया गया।
इसी क्रम में Campus Buddy ने इंडस्ट्रियल एआई वर्कशॉप एवं डिजिटल डेवलपमेंट सेवाओं से संबंधित अपना मॉडल प्रस्तुत किया, जबकि Influscout ने स्थानीय व्यवसायों एवं स्टार्टअप्स को उपयुक्त इन्फ्लुएंसर्स से जोड़ने वाले प्लेटफॉर्म की जानकारी दी।
कार्यक्रम में AI Shiksha द्वारा शिक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित समाधान, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए डोरस्टेप डेमो प्लेटफॉर्म, Desi Nutri द्वारा मिलेट आधारित पौष्टिक कुकीज तथा My Sign Setu द्वारा मूक-बधिर व्यक्तियों के लिए एआई आधारित भारतीय सांकेतिक भाषा अनुवाद प्रणाली जैसे नवाचार भी प्रस्तुत किए गए।
विद्यार्थियों ने यात्रियों को स्थानीय एवं कम ज्ञात पर्यटन स्थलों से जोड़ने वाले प्लेटफॉर्म, मूर्ति एवं टेक्सटाइल वेस्ट के पुनर्चक्रण से जुड़े सतत समाधान तथा सामाजिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान पर आधारित कई अन्य विचार भी प्रस्तुत किए।
प्रस्तुतियों के दौरान विद्यार्थियों ने 3D लोकेशन मैपिंग एवं आपातकालीन सेवाओं, टेक्सटाइल वेस्ट से वॉल पैनल एवं फर्नीचर निर्माण तथा एआई आधारित स्मार्ट एग्रीकल्चर सिस्टम जैसे अभिनव विचार भी साझा किए। इन प्रस्तुतियों में तकनीकी नवाचार के साथ-साथ सामाजिक एवं पर्यावरणीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित करने की विद्यार्थियों की सोच स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
कार्यक्रम में प्रस्तुत विभिन्न स्टार्टअप आइडिया इस बात को दर्शाते हैं कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, एग्रीटेक, एडटेक, पर्यटन, रिटेल टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबिलिटी एवं सामाजिक नवाचार जैसे उभरते क्षेत्रों में अपनी रचनात्मक क्षमता का उपयोग कर रहे हैं।
कार्यक्रम के अगले चरण के रूप में 29 सितंबर 2026 को जिला स्तरीय “Seva First Innovation Challenge” का आयोजन किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों एवं युवा नवप्रवर्तकों को अपने अभिनव विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही वे विशेषज्ञों एवं मेंटर्स के साथ संवाद कर अपने विचारों को और अधिक विकसित करने, आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने तथा आगे सहयोग एवं इनक्यूबेशन के अवसरों से जुड़ सकेंगे।

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