अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र में गांधी – शास्त्री जयंती पर संगोष्ठी में मूल्यों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर दिया गया बल

 

वाराणसी ।अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र वाराणसी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के उपलक्ष्य में “वर्तमान शैक्षिक परिप्रेक्ष्य में महात्मा गाँधी के विचारों की प्रासंगिकता” विषय पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

 

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. राजा पाठक, सहायक प्राध्यापक, आईयूसीटीई द्वारा मंगलाचरण से हुई। इसके उपरांत दीप प्रज्वलन, महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. रामाशंकर दुबे, चांसलर, राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एन.आई.ई.पी.ए.), नई दिल्ली तथा मुख्य वक्ता प्रो. जे. पी. लाल, चांसलर, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय, राँची, झारखंड रहे।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. प्रेम नारायण सिंह, निदेशक, आईयूसीटीई, वाराणसी ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य महात्मा गांधी जी के विचारों, उनके सत्य, अहिंसा, स्वावलंबन, नैतिकता एवं मूल्यपरक शिक्षा के संदेश को वर्तमान शैक्षिक परिप्रेक्ष्य से जोड़ते हुए उनके महत्व पर विचार-विमर्श करना तथा लाल बहादुर शास्त्री जी के सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को स्मरण करना रहा। स्वागत भाषण एवं अतिथि परिचय डॉ. राजा पाठक, सहायक प्राध्यापक, आईयूसीटीई ने किया।

 

कार्यक्रम में दो महत्वपूर्ण व्याख्यान हुए। प्रथम व्याख्यान में प्रो. रामाशंकर दुबे, कुलाधिपति, एन.आई.ई.पी.ए., नई दिल्ली ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। उन्होंने वर्तमान शैक्षिक परिप्रेक्ष्य में महात्मा गांधी जी के विचारों की प्रासंगिकता तथा शिक्षा में मानवीय एवं नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात प्रो. जे. पी. लाल, कुलाधिपति, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय, राँची ने मुख्य वक्तव्य दिया।

 

उन्होंने गांधी जी एवं शास्त्री जी के जीवन-मूल्यों को शिक्षा और राष्ट्र निर्माण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए उनके आदर्शों को व्यवहार में आत्मसात करने की आवश्यकता पर बल दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. प्रेम नारायण सिंह, निदेशक, आईयूसीटीई ने महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन-मूल्यों को स्मरण करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में सत्य, अनुशासन, नैतिकता, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

इस कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर संस्थान के सभी कर्मचारीगण द्वारा परिसर की स्वच्छता एवं साफ-सफाई का कार्य सामूहिक रूप से किया गया। कार्यक्रम में काशी के शिक्षाविदों सहित आईयूसीटीई के समस्त अधिकारीगण, शिक्षकगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया।

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