
वाराणसी। धन्वंतरि भगवान की भारत की एकमात्र अष्टधातु की मूर्ति सुड़िया बुलानाला स्थित में बैद्यराज स्व. शिव कुमार शास्त्री के धन्वंतरि निवास में विराजमान ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि के दर्शन मात्र से वर्ष भर निरोग एवं व्याधिमुक्त रह सकते हैं। इसलिए इस दिन शाम से देर रात तक दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है। काशी में भगवान धन्वंतरि की यें दुर्लभ मूर्ति लगभग 326 साल पुरानी है। धन्वंतरि निवास में स्थापित भगवान धन्वंतरि का lदर्शन वर्ष में सिर्फ एक दिन ही होता है। जिसके दर्शन के लिए देश विदेश के श्रद्धालु यहाँ आते हैं। वैद्यराज के पुत्र रामकुमार शास्त्री नन्द कुमार शास्त्री एवं समीर कुमार शास्त्री नें बताया कि सदा की भांति इस वर्ष भी श्री धन्वंतरि पूजनोत्सव विक्रम संवत 2080 कार्तिक कृष्ण 13 शुक्रवार धनतेरस के दिन 10 नवंबर को मनाया जायेगा। सायंकाल 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही भगवान के सार्वजनिक दर्शन हेतु मंदिर का पट खुलेगा।
