
वाराणसी। डीएवी पीजी कॉलेज में गुरुवार को कनाडाई मूल के कैरेबियाई देश त्रिनिनाड एवं टबेगो के प्रमुख व्यवसायी एवं इंडियन डायसपोरा विशेषज्ञ हेमराज रामदत्त ने विद्यार्थियों से संवाद किया। इतिहास विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि त्रिनिनाड सहित अन्य कैरिबियाई देशों के उत्थान में भारतीय मूल की महिलाओं का अभूतपूर्व योगदान रहा है, लगभग सभी क्षेत्रों में महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा प्रभावी भूमिका में है। व्यवसाय के अलावा कृषि और सेवा क्षेत्र में भी महिलाएं अग्रिम पंक्ति में खड़ी है। इसके अलावा हेमराज रामदत्त ने पुराने डायसपोरा और नवीन डायस्पोरा के संदर्भ में भी बात किया और भारतीय संस्कृति के विकास में कैरेबियाई देशों की भूमिका पर भी चर्चा की। इस मौके पर उन्होंने अपनी पुस्तक इंडो त्रिनेडियन इंट्रप्रेनेएरस महाविद्यालय के ग्रंथालय में भेंट भी दी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उपाचार्य प्रो. समीर कुमार पाठक, प्रो. विनोद कुमार चौधरी, डॉक्टर प्रतिभा मिश्रा, डॉक्टर संजय कुमार सिंह, डॉक्टर सोमनाथ पाठक, डॉक्टर शिवनारायण, डॉक्टर शशिकांत यादव सहित इतिहास विभाग के विद्यार्थियों ने भाग लिया |
