रिपोर्ट उपेन्द्र कुमार पांडेय, आजमगढ़ 

 

आजमगढ़।भारतीय सनातन धर्म में महा शिवरात्रि का बहुत महत्व है हर वर्ष फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी/चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है शिव जी भक्ति करने वालों के लिए महाशिवरात्रि का पर्व बहुत महत्वपूर्ण होता है हर वर्ष भोलेनाथ के भक्तों को महाशिवरात्रि का इंतजार रहता है.महाशिवरात्रि शिव पूजा के लिए श्रेष्ठ दिन माना गया है ये शिव और शक्ति के मिलन का दिन है ।

ज्योतिषाचार्य पं ऋषिकेश शुक्ल के अनुसार इस वर्ष 2024 महाशिवरात्रि 8मार्च 2024 दिन शुक्रवार को श्रवण नक्षत्र शिव योग तथा चतुर्थ ग्रही योग शुक्र , शनि, सूर्य,तथा चन्द्रमा एक राशि विराजमान है जो समाज तथा देश के लिए बहुत शुभकारी है

8 मार्च 2024 को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी. इस दिन सुबह से लेकर रात्रि जागरण कर शिव पूजा का विधान है।सनातन धर्म शास्त्र तथा पञ्चाङ्ग के अनुसार,फाल्गुन माह त्रयोदशी चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि को महा शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है

पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि 7मार्च 2024 को रात 9:32 से शुरू होगी और अगले दिन 8 मार्च 2024 को रात्रि 7:38 मिनट पर समाप्त होगी अतः 8 तारीख को सूर्योदय काल में त्रयोदशी तिथि मिलने से महाशिवरात्रि 8 तारीख 2024 को मनाया

महाशिवरात्रि की पूजा 8 मार्च 2024 को प्रातः कल सूर्योदय से शिव जलाभिषेक एवं व्रत प्रारंभ किया जाएगा।

8 मार्च 2024 को रात्रि जागरण एवं शिव मंदिर कीर्तन करने से विशेष शुभ फल प्राप्त होगा। सभी मनोकामनाएं पूर्ण होगी

महाशिवरात्रि का पर्व दो महत्वपूर्ण कारणों से विशेष है. कहते हैं कि इस तिथि पर महादेव ने वैराग्य जीवन छोड़कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था।इस दिन रात में शिव जी और माता पार्वती का विवाह हुआ था. वहीं दूसरी मान्यता अनुसार महाशिवरात्रि के दिन शिवजी पहली बार प्रकट हुए थे. शिव का प्राकट्य ज्योतिर्लिंग यानी अग्नि के शिवलिंग के रूप में था। महाशिवरात्रि के दिन ही शिवलिंग 64 अलग अलग जगहों पर प्रकट हुए थे।

मान्यता है इस दिन शिव पूजा करने से समस्त संकट दूर हो जाते हैं सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं

 

ज्योतिषाचार्य पं ऋषिकेश शुक्ल

9450591477

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *