
रिपोर्ट अमित पांडेय
वाराणसी ! मां गंगा भागीरथी की गोद में शनिवार की शाम सजी श्री राम दरबार की झांकी निहार कर हजारों श्रद्धालुओं की छाती प्रफुल्लित हो गई ।
गंगा के घाट जय श्री राम व गंगा मैया की जयकारों से देर शाम तक गूंजते रहे ।
श्री राम तारक आंध्र आश्रम में 12 दिनों से चल रहे श्रीराम पट्टाभिषेक उत्सव के समापन पर उत्सव मंडप से भव्य जल शोभा यात्रा निकाली गई।
उत्सव को पूर्ण विश्राम देने से पूर्व उत्सव मंडप में रामदूत हनुमान का 1008 तांबूल पत्रों से सहस्त्रनाम अर्चन कर रामक्काज की पूर्णत या में उनकी भूमिका को नमन किया गया। शाम तक आश्रम प्रांगण हनुमान जी के चरणों में अर्पित मंत्र जालियों से गूंज उठा ।
शाम 5:00 बजे राम दरबार के विग्रह कंधों से होकर लेकर गंगा में तीर्थ विशाल बजाडे पर विभिन्न फूल माला से सजे मंच पर पहुंचे। हजारों श्रद्धालुओं ने क्षेमेस्वर घाट से लेकर पंचगंगा घाट तक गई शोभायात्रा की झांकी के दर्शन किए ।
समूचे गंगा तट राजा रामचंद्र जी के उद्घोष से गूंजता रहा ।भजन कीर्तन लहरियों भी बाजे गाजे की धूम में खूब समां बढाया।
वापसी में क्षेमेश्वर घाट पर श्री राम प्रभु के गंगा का पूजन कराया गया। उत्सव का समापन रामायण में विग्रह की स्थापना के बाद सामूहिक प्रसाद वितरण से हुआ। इस अवसर पर आश्रम न्यास के अध्यक्ष पी वी आर शर्मा, न्यासी यू आर के मूर्ति ,न्यासी पूर्णम श्रीनिवास , दी सुब्रमण्यम, पी नरसिम्हन, अनुपम भट्टाचार्य आदि लोग उपस्थित थे।
यात्रा की अगुवाई आश्रम के प्रबंध न्यासी वी वी सुंदर शास्त्री संयोजक, आश्रम के प्रबंधक वी वी सीताराम रहे।
