
वाराणसी।योग भारतीय ज्ञान परम्परा का मूल आधार है, योग से हम सभी निरोगी और स्वस्थ रहते हैं। योग को अपने जीवन में धारण करने से हम कई शारीरिक और मानसिक बीमारियों से तो दूर रहते ही हैं साथ ही नियमित योगाभ्यास से हमारा स्वास्थ और शरीर भी निरोगी रहता है। योग जोड़ने की एक शाखा है। जहां बैठकर योगाभ्यास किया जाता है। यह एक आध्यात्मिक प्रक्रिया जहां शरीर, मन और आत्मा संयुक्त होते हैं।
उक्त विचार सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने आज उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के सहयोग से प्रदेश के 71 योग प्रशिक्षण केंद्रों के अंतर्गत इस संस्था के योग केंद्र के उद्घाटन के पश्चात सभी आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए व्यक्त किया।
उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ के द्वारा निदेशक विनय श्रीवास्तव तथा जितेन्द्र कुमार (आई.ए.एस., अपर मुख्य सचिव, भाषा विभाग) के कुशल निर्देशन में आज सम्पूर्ण उत्तरप्रदेश में 71 निःशुल्क योगकेन्द्रों का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया।
इन केन्द्रों में लगभग 2800 छात्र योग का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। वाराणसी जनपद में सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा के आशीर्वाद से सांख्ययोगतन्त्रागम विभाग केन्द्र पर केन्द्राध्यक्ष प्रो० राघवेन्द्र जी दुबे की देखरेख में डॉ० राजकुमार मिश्र योग प्रशिक्षक के द्वारा योगकेन्द्र का उद्घाटन किया गया।
संस्थान के निदेशक विनय श्रीवास्तव जी ने सभी प्रशिक्षकों को शुभकामनाएँ प्रदान की। संस्थान के सम्माननीय पदाधिकारी तथा इस योजना के सर्वेक्षक महेन्द्र पाठक ने इस सत्र के शुभारम्भ में सभी प्रशिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि योगविद्या हम सभी को स्वस्थ रखते हुए जीवनशैली को परिवर्तन करने की क्षमता रखती है। इन केन्द्रों का उद्देश्य शिक्षा के साथ-साथ धनोपार्जन का भी अवसर प्रदान करना है। संस्थान के प्रशिक्षण समन्वयक दिव्यरंजन ने इस कार्यक्रम में सभी को दिशा निर्देश देते हुए सकुशल कक्षाएँ चलाने का भी निर्देश दिया एवं सभी को शुभकामनाएँ प्रदान की। कार्यालयीय पत्रव्यवहार व वृत्तविषयक निर्देश शिवम गुप्ता ने दिए।
इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी दिनेश मिश्र, डा. जगदानन्द झा, श्री भगवान सिंह चौहान, प्रशिक्षण समन्वयक धीरज मैठानी, समन्वयिका राधा शर्मा, अनिल गौतम, नितेश कुमार श्रीवास्तव, वीरेंद्र तिवारी, पूनम मिश्रा, शान्तनु मिश्र, ऋषभ पाठक सहित सभी 71 केन्द्रों के केन्द्राध्यक्ष, संचालक, प्रशिक्षक एवं शिक्षार्थी उपस्थित रहे।
