
लोकतंत्र का पर्व और साहित्य की भूमिका विषयक संगोष्ठी
साहित्यकारों ने धूमधाम से मनाया डा.रामसुधार सिंह का जन्मदिन
नजर न्यूज नेटवर्क / मुख्य संवाददाता
वाराणसी। राजकीय जिला पुस्तकालय अर्दली बाजार में शनिवार को लोकतंत्र के महत्व और मतदान की आवश्यकता पर संगोष्ठी आयोजित हुई। संगोष्ठी में डा.महेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत है,जहां बिना हिंसा के सत्ता का परिवर्तन होता है। लोकतंत्र में देश के सभी नागरिक समान होते हैं। साहित्यकार डॉ राम सुधार सिंह ने कहा कि हर नागरिक का दायित्व है कि वह निष्पक्ष रूप से मतदान कर लोकतंत्र को मजबूत बनावें। इस समझ को विकसित करने में साहित्य की बड़ी भूमिका हो सकती है। इस अवसर पर साहित्यकारों और लोगों ने डा.रामसुधार सिंह का जन्मदिन धूमधाम से मनाया। साहित्यकारों ने डा.सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। सम्मान में काव्य पाठ भी किया। संयोजन और संचालन पुस्तकालयाध्यक्ष कंचन सिंह परिहार ने किया। संगोष्ठी में हीरालाल मिश्र मधुकर,राजीव गोंड,डा.अशोक कुमार सिंह,गौतम अरोड़ा सरस,संतोष श्रीवास्तव,व्योमेश चित्रवंश आदि ने विचार व्यक्त किया।
