वाराणसी । प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट लमही की ओर से प्रेमचंद स्मारक स्थल लमही में आयोजित सुनों मैं प्रेमचंद कहानी पाठ में प्रेमचंद की जाति प्रथा पर आधारित कहानी दूध का दाम का पाठ वरिष्ठ साहित्यकार व गीतकार हिमांशु उपाध्याय ने किया। सम्मान ट्रस्ट के संरक्षक प्रो.राम सुधार सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि जाति प्रथाओं के कारण समाज में उपजी अमान्यता को रेखांकित करती यह प्रेमचंद की कहानी दूध का दाम में भूंगी दलित जाति की स्त्री है। भंगी को दूध पिलाने के लिए तरह-तरह के लालच दिए जाते हैं। बच्चा बड़ा होता है। जब उन लोगों का काम निकल जाता है तो वह लोग भूंगी को दुत्कार देते हैं। कहानी पर एक शास्त्री भी हैं, जो महेश नाथ को धर्म का पाठ पढ़ाते हुए कहते हैं कि नीची जाति की भूंगी से तुम अपने बच्चे को दूध कैसे पिलवा रहे हो। यही कारण है कि प्रेमचन्द की कहानियों में यथार्थवाद को विशेष स्थान मिला है। उनका दृष्टिकोण और जीवन के संबंध में विचार भले ही आदर्शवादी हो। प्रेमचन्द अपने चरित्र चित्रण और कथावस्तु में यथार्थवादी हैं, परन्त दृष्टिकोण में आदर्शवादी व मनोविज्ञान पर आश्रित होते है । इस अवसर सोच विचार के संपादक नरेंद्र नाथ मिश्रा, प्रो श्रद्धानन्द, ओम धीरज, फादर आनंद, प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव,निदेशक राजीव गोंड, राजीव श्रीवास्तव, कलिंद्र, संजय श्रीवास्तव, राहुल विश्वकर्मा, मानव सिंह,कहकशा नाज, आयुष श्रीवास्तव आदि ने कहानी सुनी।स्वागत राजेश श्रीवास्तव, संचालन मनोज विश्वकर्मा ने किया।
