रिपोर्ट अशरफ आदिल
फूलपुर।मुस्लिम समुदाय में मुहर्रम का विशेष महत्व है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, मुहर्रम से ही पहले महीने का आरंभ होता है। मान्यता है कि रमज़ान के महीने के बाद सबसे अच्छा रोज़ा मुहर्रम का होता है। बता दें कि इसकी तारीख का निर्धारण चांद दिखने के बाद ही किया जाता है। इसलिए इसकी तिथि हर साल बदलती रहती है। दुनियाभर के मुस्लिम समुदाय के लोग इस दिन को को खूब मनाते हैं। इसी तरह फूलपुर के कैथाना मे चाँद देखने के साथ मुहरम् का आगाज हो गया यहाँ चाँद दिखने के बाद इमाम चौक पे अकिदत मंद लोग आये और और अपनी अपनी मुरादे वा दुआ मांगी साथ ही साथ अधिक मात्रा मे लंगर का सिलसिला चालू हो गया फूलपुर कैथाने अज़ादारी के मुत्वाली खुर्शीद अकबर ने बताया यहाँ 10 दिन इसी तरह अकिदतमंद आते है और अपनी मुरादे मांगते है और मौला इमाम हुसैन के नाम से लंगर करते है आगे खुशीद अकबर ने बताया की मुहल्ले के लड़के बकरीद बाद से ही यहाँ इमाम चौक पे लगातार मेहनत करते है तब जाके अच्छी तरह कैथाने की अज़ादारी को कामयाब बनाते है जिसमे महफूज़ आलम मो सारीब मो सारिक मो असीम फजल मो दानिश सभासद गुलरेज़ आदिल जमाल आतिफ कसिफ आँसू और करीब मुहल्ले के सभी बच्चे अपनी जिमेदारी 10 दिन बा खूब निभाते है
