घटना की जांच राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से कराने की मांग

 

वाराणसी।‌ सपि के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देशानुसार आज समाजवादी पार्टी का एक 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को नगवां पहुँचा जहाँ दो दिन पूर्व एक छात्रा और मृतक विशाल के बीच सड़क पार करने को लेकर कुछ विवाद हो गया था। कहा सुनी के समय ही वहाँ लंका थाने के इंस्पेक्टर अपने सिपाहियों के साथ जा रहे थे उन्होंने विवाद को सुलझाने के बजाय सिपाहियों द्वारा विशाल की पिटाई करवा दी। हद तो तब हो गयी जब उन्होंने उस छात्रा से भी सार्वजनिक जगह पर पूरे मुहल्ले के सामने थप्पड़ से मरवाया। सार्वजनिक अपमान से आहत होकर विशाल ने गंगा नदी में कूद कर आत्महत्या कर लिया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मृतक के पिता व शोक संतप्त परिवार से मिलकर उनका हाल चाल जाना और घटना के संबंध में मुहल्ले के लोगो से भी जानकारी प्राप्त की। शोकाकुल परिवार को विश्वास दिलाया कि इस संकट की घड़ी में सपा उनके साथ है।

प्रतिनिधिमंडल में चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह, छोटलाल खरवार सांसद सोनभद्र, लाल बिहारी यादव सदस्य विधान परिषद, आशुतोष सिन्हा सदस्य विधान परिषद, मिठाई लाल भारती राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी, रीबू श्रीवास्तव प्रदेश अध्यक्ष महिला सभा, सुजीत यादव लक्कड़ जिलाध्यक्ष, सत्यप्रकाश सोनकर सोनू राष्ट्रीय महासचिव बाबा साहेब अम्बेडकर वाहिनी, पूनम सोनकर पूर्व विधायक, पूजा यादव पूर्व प्रत्याशी कैंट विधानसभा, डॉ संजय सोनकर राष्ट्रीय सचिव शिक्षक सभा, अमित सोनकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य व वरुण सिंह पूर्व पार्षद शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसद वीरेंद्र सिंह और छोटलाल खरवार ने कहा कि इस घटना की जांच राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से कराई जाए। उन्होंने पुलिस विभाग के द्वारा विभागीय जांच में पारदर्शिता न होने तथा परिजनों को पुलिस की जांच पर विश्वास न होने की बात कही। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक घटना से संबंधित अधिकारियों को थाना क्षेत्र (घटना क्षेत्र) से हटाया जाय। प्रतिनिधि मंडल में एमएलसी लाल बिहारी यादव, आशुतोष सिन्हा ने कहा कि इस घटना का कारण पुलिस की लापरवाही है जब मृतक विशाल और छात्र के बीच विवाद के दौरान कहां सुनी हो रही थी तो पुलिस को चाहिए था कि दोनों को समझा बूझकर वहां से हटा देती या तो मृतक विशाल को थाने ले जाती। यदि पुलिस मार कर विशाल को छोड़ देती तब भी यह घटना नहीं घटती। लेकिन सार्वजनिक तौर पर उस छात्रा से भी विशाल को थप्पड़ मरवाना जिससे आहत होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया और यही उसके मौत का कारण बना।

जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ ने बताया कि इस घटनाक्रम के बारे में जिलाधिकारी व पुलिस कमिश्नर से बात हुई है। पुलिस कमिश्नर द्वारा सोमवार को मिलने का समय दिया गया है। घटनाक्रम का रिपोर्ट बनाकर 15 जुलाई को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भेज दिया जाएगा। जिला प्रशासन से दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही और शासन से दस लाख की आर्थिक सहायता परिवार को दिए जाने की मां की। प्रतिनिधिमंडल में जिला प्रवक्ता सन्तोष यादव बबलू एडवोकेट, जिलाध्यक्ष छात्र सभा राहुल सोनकर, भीष्म नारायण, सुनील यादव, शिवप्रकाश सिंह आदि थे।

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