नोटिस जारी होने बाद नहीं होना चाहिए अवैध निर्माण कार्य : जिलाधिकारी

 

रिपोर्ट उपेन्द्र कुमार पांडेय, आजमगढ़ 

 

आज़मगढ़। मण्डलायुक्त मनीष चौहान ने वृहस्पतिवार को उप निबन्धन, सदर कार्यालय एवं आजमगढ़ विकास प्राधिकरण कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। दोनों कार्यालयों के किए गये औचक निरीक्षण में सभी कर्मचारी उपस्थित मिले तथा कार्य सम्पादित होता पाया गया। मण्डलायुक्त श्री चौहान द्वारा उप निबन्धन, सदर कार्यालय के निरीक्षण में कार्यालय में साफ सफाई खराब पाये जाने पर उन्होंने असन्तोष व्यक्त किया तथा उप निबन्धक को तत्काल सफाई व्यवस्था सुदृढ़ कराने हेतु निर्देशित किया।

मण्डलायुक्त मनीष चौहान ने उप निबन्धन कार्यालय के निरीक्षण के उपरान्त आजमगढ़ विकास प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे, जहॉं जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज के साथ प्राधिकरण के कार्यों का जायजा लिया। मण्डलायुक्त ने स्वयं ओबीपीएएस (ऑनलाइन बिलडिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम) पर प्राप्त नक्शों की स्थिति को देखा, जिसमें पेंडिंग सभी 17 नक्शे समयान्तर्गत थे। उन्होंने निर्देश दिया कि सम्बन्धित अवर अभियन्ता के माध्यम से तत्काल निरीक्षण कराकर समय सीमा के अन्दर ही अग्रेतर कार्यवाही करायें। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र के अन्तर्गत प्रवर्तन कार्य में और तेजी लाई जाय तथा सभी अवैध निर्माण पर कार्यवाही की जाय, इसमें कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। मण्डलायुक्त श्री चौहान ने अवैध निर्माण के विरुद्ध निर्गत नोटिस से सम्बन्धित रजिस्टर का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण के विरुद्ध नोटिस जारी करने के साथ ही निर्माण कार्य को सील भी किया जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिया अवैध निर्माण के विरुद्ध नोटिस जारी करते हुए निर्माणकर्ता से 15 दिन के अन्दर स्पष्टीकरण भी मांगा जाय। श्री चौहान ने दोनों कार्यालयों के निरीक्षण में सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यालय में दलालों के प्रवेश को सख्ती से रोका जाय तथा कोई भी प्राइवेट व्यक्ति कार्यालय में कार्य करता हुआ । इसी क्रम में जिलाधिकारी/उपाध्यक्ष, आजमगढ़ विकास प्राधिकरण विशाल भारद्वाज ने सहायक अभियन्ता एवं अवर अभियन्ता को निर्देशित किया किया कि अवैध निर्माण के विरुद्ध नोटिस निर्गत होने के उपरान्त किसी भी दशा में अवैध रूप से निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए।

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