
तालाब, कुँए और अन्य जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने हेतु अनूठी पहल
वाराणसी। पर्यावरण और आस्था को बचाने हेतु समाजसेवी रीता देवी और उनके सहयोगियों ने निर्माल्य रथ चलाने का सराहनीय पहल किया है। मंदिर और घर से निकलने वाली विसर्जन योग्य पूजन सामग्री एवं फूल हार आदि के विसर्जन कुएं, नदी, तालाब इत्यादि में विसर्जित करने की प्रथा रही है। जिससे पर्यावरण और जल स्रोत को हानि पहुँचती रही है। इस समस्या को देखते हुए शिवपुर निवासी रीता देवी, जुगलावती देवी एवं अन्य सहयोगियों द्वार रथ चलाया जाएगा,जो घर-घर जाकर भगवान को चढ़ाए गए विसर्जन सामग्री इकट्ठा करेगा। अब शिवपुरवासियों को पूजन सामग्री और निर्माल्य को नदी, तालाब या कुँए में प्रवाहित नहीं करना पड़ेगा। रीता देवी ने कहा कि भगवान के निर्माल्य से हमारी आस्था जुडी हुई है, आस्था पर आघात ना हो इसलिए हमने सहयोगियों के साथ मिलकर निर्माल्य रथ शुरू किया जो डोर टू डोर पूजन सामग्री एकत्र करेगी। विधि विधान से पूजा अर्चना कर रथ का शुभारंभ मंगलवार को किया गया। पृथ्वी नाथ शर्मा एवं दिनेश गुप्ता ने बताया कि यह रथ प्रत्येक मंगलवार को सुबह 8 बजे निकलेगा। क्षेत्र के मंदिरों में घर-घर जाकर विसर्जन योग्य पूजन सामग्री को एकत्र कर निर्धारित स्थान पर निष्पादित करेगा। जल श्रोत को प्रदूषण से बचाने के लिए यह एक सराहनीय पहल है। इससे पूजन सामग्री का अपमान नहीं होगा। विसर्जन योग्य पूजन सामग्री का खाद, अगरबत्ती और धूप बत्ती आदि बनाया जाएगा। क्षेत्रीय लोगों ने इस कार्य की सराहना की है। इस अवसर पर रीता देवी, जुगलावती देवी, दिनेश गुप्ता, रोहित मौर्य, पृथ्वी नाथ शर्मा, त्रिलोकी सेठ, संतोष शर्मा, राजेंद्र प्रसाद एवं राहुल समेत अन्य लोग मौजूद थे।
