वाराणसी। डीएवी पीजी कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के छात्र मंच सामाजिकी फोरम के तत्वावधान में गुरुवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर वाद विवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम में छात्र छात्राओं ने यूसीसी के पक्ष विपक्ष में खुलकर बात रखी। बीए के छात्र सार्थक कपूर ने कहा कि आजादी के समय से ही देश के राजनीतिज्ञों का मानना था कि सबके लिए एक समान नागरिक संहिता होनी चाहिए, यूसीसी देश की आवश्यकता है इसके लिए आम लोगों के मध्य विमर्श के जरिए जागरूकता लानी होगी। छात्र उज्जवल पांडे ने कहा कि यूसीसी में आदिवासियों के अधिकारों पर क्या प्रभाव पड़ेगा इस पर चर्चा बेहद जरूरी है। छात्र प्रियांशु चौरसिया ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए एक राष्ट्र एक कानून सर्वाधिक जरूरी है। बीए के छात्र भरत शर्मा ने कहा कि भारत विविध संस्कृतियों वाला देश है जिसमें सभी को अपने धर्म के आधार पर जीने की आजादी प्राप्त है, ऐसे में यूसीसी धार्मिक भावनाओं और मान्यताओं को प्रभावित करता है तो ऐसे नागरिक संहिता की आवश्यकता नहीं है। इनके अलावा कार्यक्रम में अमय, किशन मिश्रा, चेतन वर्मा, अश्विनी, आदर्श, प्रियांशु, आदित्य राय, विकास कुमार, सूर्यकांत प्रकाश आदि छात्रों ने भी खुलकर पक्ष रखा। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर विक्रमादित्य राय ने किया।संचालन छात्रा सुरवी केसरी ने किया। इस अवसर पर प्रोफेसर मधु सिसोदिया, डॉक्टर जियाउद्दीन, डॉक्टर हसन बानो, डॉक्टर सुषमा मिश्रा, डॉक्टर नेहा चौधरी, डॉक्टर सूर्य प्रकाश पाठक उपस्थित रहे।

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