
जगतगंज में लोकार्पण होगा शहीद बाबू जगत सिंह द्वार
राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल करेंगे शहीद बाबू जगत सिंह द्वार का लोकार्पण
वाराणसी। पांच वर्षों के अथक परिश्रम के उपरांत बाबू जगत सिंह रिसर्च कमेटी ने शोध के उपरांत जिन तथ्यों को काशी के समक्ष रखा है उसे देख – सुनकर काशी ही नहीं, पूरा हिंदुस्तान हत्प्रभ है। 1799 को काशी में जब ब्रितानी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र क्रांति हुई ,उस क्रांति के जनक बाबू जगत सिंह थे। यह स्वतंत्रता की प्रथम क्रांति थी । गिरफ्तारी, फांसी ,आजीवन कारावास और कोलकाता के गंगासागर में बाबू जगत सिंह की जल समाधि एक अविस्मरणीय घटना है, जो देश के युवाओं को सतत प्रेरणा देता रहेगा। यह बातें संरक्षक एवं प्रतिनिधि बाबू जगत सिंह राज परिवार रिसर्च कमेटी प्रदीप नारायण सिंह ने जगतगंज कोठी में पत्रकार वार्ता में कहीं। उन्होंने कहा कि शहीद बाबू जगत सिंह के नाम पर जगतगंज में उनके नाम के द्वार का लोकार्पण काशी की जनता के द्वारा उनको सच्ची श्रद्धांजलि है। द्वार का लोकार्पण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) स्टांप ,न्यायालय शुल्क पंजीयन लोकार्पण रविंद्र जायसवाल रविवार को करेंगे। कार्यक्रम के लिए रिसर्च कमेटी के अरविंद कुमार सिंह (एडवोकेट) , लेखक डा हामिद अफाक कुरैशी, प्रोफेसर राणा पी बी सिंह, त्रिपुरारी शंकर(एडवोकेट ), लेखक डॉ श्रेया पाठक, अशोक आनंद और डॉ (मेजर) अरविंद कुमार सिंह ने शुभकामनाएं दी है।
