वाराणसी। प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र की ओर से प्रेमचंद स्मारक स्थल लमही में रविवार को प्रेमचंद की कहानी मुफ्त का यश का पाठ लता जौनपुरी ने किया। प्रो. गोरखनाथ ने कहा कि प्रेमचंद की कहानी मुफ्त का यश सामाजिक और नैतिक शैली में लिखी गई है। जिसमें प्रेमचंद ने सच्चाई और ईमानदारी के महत्व, परिश्रम की महत्ता, समाज की वास्तविकता का चित्रण किया है। प्रेमचंद ने समाज में फैली उन प्रवृत्तियों को उजागर किया है, जो बिना परिश्रम के सफलता पाना चाहते हैं। इस अवसर पर महात्मा गॉंधी काशी विद्यापीठ के पुस्तकालयाध्यक्ष डा. विजय कुमार भारतीय, संस्कृत विभाग की प्रो डा. अनिता, यूपी कॉलेज हिन्दी के विभागाध्यक्ष प्रो गोरखनाथ, राजीव गोंड, प्रखर, सुर्यभानसिंह, राजन कुशवाह, नंदकिशोर, रोहित गुप्ता, राहुल यादव, देव बाबू आदि थे। स्वागत रोहित गुप्ता, संचालन आयुषी दूबे ने किया।

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