
वाराणसी। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में फूलों की बढ़ती मांग और ग्रामीण किसानों तथा महिलाओं में फूलों की खेती के प्रति रुचि को देखते हुए, सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र (एफएफडीसी) की कानपुर विस्तार इकाई ने बसनी में साईं इंस्टिट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट के कैम्पस में उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजित किया। इसमे विशेषज्ञों द्वारा फूलों की खेती, उससे बनने वाले उत्पादों की मार्केटिंग और व्यावसायिक अवसरों पर गहन जानकारी प्रदान की गई। फूलों से धूप, अगरबत्ती, गुलदस्ते और अन्य उत्पाद बनाने के प्रैक्टिकल सत्र भी आयोजित किए गए। मुख्य अतिथि सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र कानपुर विस्तार इकाई के सहायक निदेशक भक्ति विजय शुक्ला ने कहा कि फूलों की खेती ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी से उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है और समाज में आत्मनिर्भरता का संदेश जा रहा है। साईं इंस्टिट्यूट के निदेशक अजय सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सुगंधित खेती और प्रसंस्करण में लगे किसानों और उद्योगों को सहायता देना और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाना है। उन्होंने किसानों और महिलाओं को अपनी संभावनाओं को पहचानने और इस क्षेत्र में भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कहा कि उद्यम स्थापित करने के इच्छुक लोगों को एफएफडीसी की ओर से आवश्यक तकनीकी सहयोग दिया जाएगा। योगाचार्य डॉ अंजना त्रिपाठी ने कहा कि उद्यम स्थापित करने का यह एक उत्कृष्ट अवसर है। स्वागत संस्थान के सदस्य अनंत नारायण सिंह,धन्यवाद ज्ञापन अनुपमा दुबे ने किया। इस अवसर पर जितेन्द्र कुमार, रुपेश कुमार, बिहारी पटेल, अमना, दीप्ति पटेल, डॉ राजनाथ वर्मा समेत लगभग 50 किसानों ने भाग लिया।
