
रिपोर्ट उपेन्द्र कुमार पांडेय, आजमगढ़
आजमगढ़। पूर्वान्चल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में आजमगढ़ के बिजली कर्मचारियों, विद्युत अभियन्ताओं एवं संविदा कर्मियों ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर प्रदेश व्यापी आन्दोलन के तहत आजमगढ़ के सिधारी हाइडिल कार्यालय के बाहर कार्यालय समय के बाद विभागीय कार्य सम्पादित कर गुरुवार की देर शाम बिजली निजीकरण के विरोध में विरोध सभा कर मोमबत्ती जुलूस निकाल कर चेतावनी दी है कि ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण के द्वारा प्रदेश की जनता को मोमबत्ती युग में लाने के ऊर्जा प्रबन्धन के प्रयास को किसी भी हालत में प्रदेश के बिजली कर्मचारी पूरा नहीं होने देंगे।
01 फरवरी 2025 को लखनऊ में संयुक्त संघर्ष समिति के सभी घटक, श्रम संघों / सेवा संगठनों की केन्द्रीय कार्यकारिणी की संयुक्त बैठक कर आगे के कार्यक्रम घोषित किये जायेंगे। प्रदेश के योगी सरकार से अपील किया कि निजीकरण की प्रक्रिया हेतु जारी की गयी टेण्डर नोटिस को तत्काल निरस्त किया जाए। वही इस आंदोलन को प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में ऑटो चालक समिति उत्तर प्रदेश व जन कल्याण समिति ने भी समर्थन दे दिया है।
सभा में महाकुम्भ में हुए हादसे में दिवंगत हुए लोगों को शोक व्यक्त कर श्रद्धांजलि दी गई। सभा की अध्यक्षता ई उपेन्द्र नाथ चौरसिया संचालन समिति संयोजक प्रभु नारायण पाण्डेय ‘प्रेमी’ ने किया है। इस दौरान सैयद मुनौव्वर अली, ई उपेन्द्र नाथ चौरसिया, ई विक्रम वीर सिंह, रोशन यादव, काशी नाथ गुप्ता, रवि शंकर गुप्ता, अभिषेक श्रीवास्तव, छोटे लाल, विरेन्द्र यादव, मो शाहिद अहमद, राजेश चौबे सहित बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारियों व ऑटो चालकों ने निजीकरण के खिलाफ किए जा रहे आन्दोलन का समर्थन किया है।
