
वाराणसी/प्रयागराज। महाकुम्भ के अवसर पर स्पिक मैके और एचसीएल एवं जेबीएल काॅन्सर्टस के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय अनहद-नाद कार्यक्रम में छठे दिन गायन वादन एवं नृत्य की धूम रही। गुरुवार को पद्मश्री से सम्मानित पं ऋत्विक सान्याल के ध्रुपद गायन, पं शुभेन्द्र राव जी ने सितार और अनुज मिश्रा के कथक नृत्य की प्रस्तुति इलाहाबाद विवि के संगीत एवं मंच कला संकाय के प्रेक्षागृह में हुईं। भारतीय शास्त्रीय संगीत के अनहद नाद को युवाओं ने ह्रदय की गहराइयों से महसूस किया। अनुज मिश्रा ने शिव जी के शांत स्वरूप एवं रौद्र रूप को कत्थक नृत्य से प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरी। वहीं पंडित शुभेन्द्र राव के सितार पर पं रविशंकर के ‘ज्ञान गंगेश्वरी…’ की प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। पद्मश्री पं ऋत्विक सान्याल ने अपने ध्रुपद गायन से समां बांध दिया। विशिष्ट अतिथि सेंटर ऑफ़ मीडिया स्टडीज़् के समन्वयक डॉ. धनंजय चोपड़ा ने कलाकारों का स्वागत किया। उन्होने कहा कि भारतीय शास्त्रीय परंपराएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक और प्रभावशाली है, जितनी सदियों पहले थीं। इस बात में कोई संदेह नहीं कि हमारी विरासत ही हमारा मान है, और इस विरासत के संरक्षण के लिए स्पिक मैके की सज़गता काबिल-ए-तारीफ़ है। संचालन आरती द्विवेदी, मोहम्मद सारिम ने किया। धन्यवाद ज्ञापन स्पिक मैके की प्रदेश समन्वयक डॉ. मधु शुक्ला ने किया। इस दौरान विभागाध्यक्ष प्रो. प्रेम कुमार मल्लिक पूर्व आईपीएस अफ़सर वी.के. सिंह, प्रदेश सचिव श्रेयश शुक्ला, शांभवी शुक्ला आदि थे।
