वाराणसी। विकास आयुक्त कार्यालय, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित तथा विस्तार इकाई, सुगन्ध एवं सुरस विकास केन्द्र, कानपुर द्वारा आयोजित अगरबत्ती, धूपबत्ती, हवन सामग्री एवं सुगन्धी इससे संबंधित उद्योग के कौशल एवं उद्यमिता विकास हेतु प्रशिक्षण एक फरवरी से 15 मार्च तक साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रुरल डेवेलपमेंट, बसनी बड़ागॉंव में दिया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में आस पास की 30 महिलाओं ने भाग ले रही है।

सुगन्ध एवं सुरस विकास केंद्र, कानपुर के प्रभारी सहायक निदेशक डॉ भक्ति विजय शुक्ला ने बताया कि गत माह जनवरी में तीन दिवसीय सुगन्धी एवं औषधीय पौधों से सम्बंधित कृषि हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कुछ महिलाओं ने महिलाओं हेतु कुटीर उद्योग से संबंधित प्रशिक्षण आयोजित करने का अनुरोध किया था। अगरबत्ती-धूपबत्ती, हवन सामग्री एवं सुगन्धी निर्माण से सम्बंधित उद्योग के लिये कौशल व उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अंर्तगत 45 दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुगन्धी के बारे में व सुगंधित तेल कैसे निकाला जाता है आदि के बारे में जानकारी दी गयी। सुगंध निकलने के बाद बचे हुए फूल पत्ती घास आदि को सुखाकर अगरबत्ती धूपबत्ती में कैसे उपयोग में लाया जाता है तथा कैसे इनसे अगरबत्ती व धूपबत्ती हवन सामग्री आदि बनाए जा सकते हैं। इनका प्रशिक्षण दिया जा रहा।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उद्यमिता से सम्बंधित, बैंक, प्रदेश सरकार व भारत सरकार की विभिन योजनाओं आदि से सम्बंधित अधिकारियों व विषय विशेषझो के व्यख्यान होंगे। कुछ के व्यख्यान हो भी चुके हैं।

आज सुगन्ध एवं सुरस विकास केन्द्र, कानपुर के प्रभारी सहयक निदेशक डॉ भक्ति विजय शुक्ला ने सुगन्धी बनाने व सुगन्ध एवं सुरस विकास केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं आदि के बारे में बतलाया और सुगन्ध एवं सुरस विकास केंद्र की डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म दिखाकर एक वर्चुअल टूर करवाया। इस अवसर पर धर्मेन्द्र कुमार मिश्र, नितिन सहेजी, अजय कुमार सिंह, अनुपमा दुबे, ममता सिंह, दुर्गा दुबे, सरिता शर्मा, रेणु सिंह आदि थी।

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