
वाराणसी । गुरुवार को कमला आर्शीवाद वाटिका में चल रहे श्रीमद् देवी भागवत कथा के दूसरे कथा का अमृत पान करते हुए देवी उपासिका साध्वी गीताम्बा तीर्थ ने कहा कि मां आदिशक्ति की कृपा से सब कुछ संभव है। कथा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि महर्षि वेदों व्यास को भी संतान प्राप्ति के लिए मां आदि शक्ति की आराधना करनी पड़ी ।कथा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार महर्षि वेदव्यास अपने आश्रम में गौरैया द्वारा अपने बच्चों को दाना खिलाने देखकर उनके मन में पुत्र की कामना हुई। महर्षि वेदव्यास को कोई पुत्र नहीं था जिससे वह दुखी रहते थे। यह विचार आते ही उन्होंने महर्षि नारद से पूछा कि उन्हें पुत्र रत्न की कैसे प्राप्ति होगी तो उन्होंने बताया कि आप आदिशक्ति की आराधना करिए तो आपको पुत्र की प्राप्ति होगी। महर्षि वेदव्यास मैं मां आदिशक्ति की पूजा आराधना की तो माँ प्रसन्न होकर उनको पुत्र होने का वरदान दिया। इसके पश्चात वेदव्यास की पत्नी अरणी के गर्भ से शुकदेव जी महाराज जैसे पुत्र का जन्म हुआ। मां आदिशक्ति की कृपा से सब कुछ संभव है। उन्होंने कहा कि आज के समाज में गर्भ में ही बेटियों को मार दिया जा रहा है। एक तरफ तो आप बेटियों की हत्या कर रहे हैं और दूसरी तरफ देवी मंदिरों में जाकर मां से सुख समृद्धि की कामना कर रहे हैं तो यह कैसे संभव है । साध्वी गीताम्बा तीर्थ ने मेरठ में पत्नी द्वारा पति की हत्या व बनारस में भी प्रेमिका द्वारा एक प्रेमी द्वारा दूसरे प्रेमी को को गोली मरवा कर हत्या कराने की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इसका एकमात्र कारण युवा पीढ़ी में संस्कार की कमी होना है ।
उन्होंने कहा कि आज हम संस्कार भूलते जा रहे हैं । आज घरों में मां-बाप द्वारा बच्चों को संस्कारित नहीं किया जा रहा है। बच्चों के पैदा होते उनके हाथ में मोबाइल, टीवी आदि थमा दिया जा रहा है, ना तो उनको वेद, उपनिषद, रामायण की शिक्षा दी जा रही है ना होना ही उनके अंदर संस्कार डाला जा रहा है। उन्होंने आज के माता -पिता से अपील करते हुए कहीं की आप अपने बच्चों को संस्कार देकर उनके चरित्र का निर्माण करें नहीं तो इसी तरह की घटनाएं रोज घटित होंगी। जिसके लिए आप खुद ही जिम्मेदार होंगे कथा के अंत में आरती कर भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया।
