
वाराणसी।शनिवार नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स तथा विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर वाराणसी के भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर हुई महाविशाल बिजली महा पंचायत में एक प्रस्ताव पारित कर वाराणसी के सांसद प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी से मांग की गई कि उत्तर प्रदेश की आम जनता के व्यापक हित में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय निरस्त किया जाए। वाराणसी की बिजली महापंचायत में हजारों की संख्या में बिजली कर्मचारी और आमजनमानस की भारी भीड़ उमड़ी।
संघर्ष समिति उ0प्र0 के प्रदेश संयोजक ई0 शैलेंद्र दुबे जी कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक ने निगम के प्रांगण में बिजली महापंचायत करने से रोकने के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का मुख्य द्वार बंद करवा दिया । और प्रबंध निदेशक ने इस प्रकार अनावश्यक रूप से औद्योगिक अशांति पैदा करने की कोशिश की। संघर्ष समिति ने पूरे संयम और अनुशासन से काम लिया और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य द्वार पर 3 घंटे तक शांतिपूर्वक बिजली महापंचायत की। 
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से केंद्रीय पदाधिकारियों शैलेंद्र दुबे, जितेंद्र सिंह गुर्जर, आर बी सिंह ,महेंद्र राय, पी के दीक्षित, माया शंकर तिवारी, चन्द्र भूषण उपाध्याय, श्री चन्द, सरजू त्रिवेदी, देवेन्द्र पांडेय, राजेंद्र सिंह, अंकुर पांडेय, राम कुमार झा,नरेंद्र वर्मा, नीरज बिंद, मनीष श्रीवास्तव , आर0 बी0 यादव, संतोष वर्मा,राजेश कुमार, रमाशंकर पाल,ने मुख्यतया सम्बोधित किया।
