वाराणसी। मानसरोवर तीर्थ स्थित श्री राम तारक आंध्र आश्रम में मनाए जा रहे श्रीराम साम्राज्य पट्टाभिषेकम महोत्सव की यज्ञशाला में मंगलवार को श्री राम प्रभु की चरण पादुका का राज्याभिषेक किया गया। बाल्मीकि रामायण के अयोध्या कांड से भरत मनवन का प्रसंग उठाते हुए आचार्यों ने आज की समस्त पूजाएं यज्ञ हवनादि अनुष्ठान व रामायण पारायण के सारे पुण्य फल भाई भरत के साधु चरित्र को अर्पण किए गए। प्रसंग की कथा के अनुसार वन गमन के लिए निकले श्री राम प्रभु को मनाने के लिए भाई भरत समस्त अयोध्या वासियों को साथ लिए वन पहुंचते हैं। बार-बार विनय पूर्वक अयोध्या लौट चलने के भरत की प्रार्थना के सामने श्री राम प्रभु जब धर्म का प्रश्न चिन्ह खड़ा कर देते हैं तो भरत निरुत्तर हो जाते हैं। विकल्प के रूप में वो श्री राम के चरण पादुका का ही पट्टाभिषेक कर उसे साथ ले जाते हैं और अयोध्या के सिंहासन पर रखकर स्वयं नंदीग्राम में तपस्या करने लग जाते हैं।

यज्ञ के मुख्य आचार्य उलीमीरी शोमा याजुलू ने बताया कि महोत्सव के चौथे दिन के समस्त अनुष्ठानों का पुण्य फल भरत जी को अर्पित किए गए। वेदिका पर श्री राम प्रभु की चरण पादुका रखकर उसका सविधि पट्टाभिषेक किया गया।

उन्होंने बताया कि आज के प्रसंग में अत्रिऋषि और सती अनसुईया का भी पूजन किया गया। यज्ञ के मुख्य यजमान वीवी सुंदर शास्त्री ने सभी अनुष्ठान संपादित किए। व्यवस्थाएं आश्रम के प्रबंधक वीवी सीताराम ने संभाली।

इसमें मुख्य रूपसे सीवीबी सुब्रह्मण्य, बुध शर्मा, शिव शर्मा, श्याम शास्त्री, जोनलगड्डा प्रसाद, कालीगोतला कृष्ण राव, राजू यादव, आदि लोग उपस्थित रहे

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