
वाराणसी।संस्कृत के परम्परागत विद्वान एवं विक्रय विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी डॉ दीप नारायण शर्मा का आकस्मिक निधन गुरुवार को प्रातःकाल सुन्दरपुर स्थित आवास पर हो गया है। डॉ० शर्मा सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के विक्रविभाग में सारस्वती सुष्मा समेत सहायक के पद पर कार्यरत थे। इससे पूर्व डॉ शर्मा ने सरस्वती भवन पाण्डुलिपि पुस्तकालय की परियोजना में भी कार्य किया। डॉ शर्मा जी ने संस्कृत विश्वविद्यालय और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से परम्परागत शास्त्रों का अध्ययन किया था।आपके निधन का समाचार सुनकर विश्वविद्यालय पारिवार स्तब्ध और मर्माहत है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने डॉ दीप नारायण शर्मा के निधन को एक संस्कृत का सच्चा सेवक खो दिया, जिन्होंने समाज भारतीय ज्ञान परम्परा के अमृत तत्वों को ज़न सुलभ बनाने का प्रयास किया था।
इस कड़ी में कुलसचिव श्री राकेश कुमार, प्रो रामपूजन पाण्डेय, प्रो जितेन्द्र कुमार, प्रो रजनीश कुमार शुक्ल,डॉ पद्माकर मिश्र, प्रो शैलेश कुमार मिश्र,डॉ मनोज कुमार मिश्र, कर्मचारी संघ अध्यक्ष सुशील कुमार तिवारी, महामंत्री प्रदीप कुमार पाण्डेय, उपाध्यक्ष संजय कुमार तिवारी सहित सभी लोगों ने शोक व्यक्त किया है।
