वाराणसी। आर्य समाज के 150वें स्थापना दिवस पर पूर्वी उत्तर प्रदेशीय सनातन वैदिक धर्म महोत्सव एवं आर्य महासमागम 11 से 13 अप्रैल तक सुरम्य गंगा तट पर स्थित संत रविदास मंदिर भैसासुर घाट (नमो घाट) पर आयोजित होगा। जिला आर्य प्रतिनिधि (प्रधान) प्रमोद आर्य और मिडिया प्रभारी रविप्रकाश बरनवाल ने बताया कि कार्यक्रम महर्षि दयानन्द स्मृति वैदिक धर्म महोत्सव पूर्वी उत्तर प्रदेश समिति की ओर से आयोजित किया गया है । इसके आयोजक जिला आर्य प्रतिनिधि सभा, महर्षि दयानन्द काशी शास्त्रार्थ स्मृति न्यास तथा पाणिनि कन्या महाविद्यालय है। कार्यक्रम में प्रतिदिन यज्ञ, प्रवचन, व्याख्यान, भजन के साथ नारी सम्मेलन, आर्यवीर सम्मेलन एवं विभिन्न गोष्ठियों का आयोजन होगा । पाणिनि कन्या महाविद्यालय की आचार्या के ब्रह्मत्व तथा ब्रह्मचारिणियों के वेद पाठ द्वारा सुख समृद्धि तथा राष्ट्रोन्नति हेतु यज्ञनुष्ठान का आयोजन किया गया है। जिसमें मानवता एवं राष्ट्र-हित हेतु सामाजिक तथा धार्मिक क्षेत्र में समतामूलक समाज के पुनर्सृजन के पवित्र उद्देश्य से मध्यकालीन इतिहास में उपेक्षित वर्गों-वर्णों के लोगों को यज्ञोपवीत प्रदान कर यज्ञ में यजमान के रूप में प्रतिष्ठित किया जाएगा । जिला आर्य प्रतिनिधि (प्रधान) प्रमोद आर्य और मिडिया प्रभारी रविप्रकाश बरनवाल ने बताया कि पाणिनि कन्या महाविद्यालय, मातृ मंदिर व डीएवी स्कूल रामनगर के छात्र-छात्राओं के मनोहारी कार्यक्रम होंगे। 13 अप्रैल को कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर मुख्य अतिथिहोंगे। तीन दिवसीय कार्यक्रम में वैदिक धर्म के प्रवक्ता, भजनोपदेशक, आर्य समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों के प्रवचन, भजन होंगे ।
