
वाराणसी।पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न राजीव गांधी की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर राजीव गांधी चौक (मैदागिन) वाराणसी में कांग्रेस के निष्ठावान नेताओं, कार्यकर्ताओं व प्रबुद्ध जनों ने एकत्रित होकर राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनिल कुमार उपाध्याय ने कहा कि राजीव गांधी ने संचार क्रांति के माध्यम से आधुनिक भारत के निर्माण में देश को तेजी से आगे बढ़ाया। आजादी के बाद देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं जवाहरलाल नेहरू ने आधुनिक भारत के निर्माण की जो बुनियाद रखी थी उसे राजीव गांधी ने अपनी दूर दृष्टि वह आधुनिक वैज्ञानिक सोच से सुदृढ़ करने का काम किया ।
राजीव गांधी ने युवाओं को 18 वर्ष की आयु में मताधिकार के साथ ही पंचायती राज के माध्यम से महिलाओं को आरक्षण देकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों के भारत के अनुरूप पिछड़ॆ ,दबे व वंचित वर्गों के सशक्तिकरण को सुनिश्चित किया संचार व कंप्यूटर क्रांति के कारण ही भारत दो मंदियो के बाद भी बेरोजगारी की समस्या हल कर सका।
आज अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड, जर्मनी, जापान से लेकर सिंगापुर हांगकांग वह यूरोपियन देशो और अरब देशो में जो लाखों भारतीय नई युवक रोजगार पा रहे हैं वह राजीव गांधी के संचार क्रांति की ही देन है ।
इस अवसर पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय कार्य परिषद के पूर्व सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष छात्र संघ ,कांग्रेस नेता डा उमापति उपाध्याय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी 40 वर्ष की सबसे कम उम्र में 31 अक्टूबर 1984 को प्रधानमंत्री बने एवं 2 दिसंबर 1989 तक इस पद पर रहते हुए कई सामाजिक बदलाव का अनोखा और अविश्वरणीय कार्य किया ।
डॉक्टर उपाध्याय ने कहा कि लंदन के इंपीरियल कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले स्वर्गीय राजीव गांधी जी कि भारत के सभी कार्यालयों में कंप्यूटर को अनिवार्य करके कंप्यूटर शिक्षा को बढ़ावा दिया जिससे मंडी का असर भारत पर नहीं पड़ा आज सर्वाधिक विदेशी मुद्रा कंप्यूटर जनित रोजगार के कारण भारत आ रही है जो भारतीय कृषि प्रधान देश के अर्थव्यवस्था की रीढ बन चुका है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सदस्य पूर्व पार्षद डॉक्टर जितेंद्र सेठ ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी ने जनवरी सन 1985 में दल बदल विरोधी कानून पारित करके लोकसभा एवं विधानसभाओं में दल बदल विरोधी कानून लागू किया एक तरफ सन 1987 में युद्धग्रस्त श्रीलंका में भारतीय शांति सेना भेजी तो वहीं दूसरी ओर 1988 में मालदीव में सशस्त्र तकता पलट को ही पलट दिया डॉक्टर सेठ ने कहा कि स्वभाव से गंभीर लेकिन आधुनिक सोच एवं निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता वाले स्वर्गीय राजीव गांधी जी भारत को दुनिया की उच्च तकनीकों से पूर्ण करना चाहते थे एवं 21वीं सदी के विकसित भारत का निर्माण करना चाहते थे ।
उक्त अवसर पर सर्वश्री राजेंद्र तिवारी बबलू महंत,प्रमोद श्रीवास्तव, सुशील सोनकर, राजेंद्र जायसवाल, राजेश त्रिपाठी,प्रदीप मेहरोत्रा,अतुल मालवीय, ओम शुक्ला, अविनाश मिश्रा,सतीश जयसवाल, नृसिंह वर्मा, पवन टंडन, कुवर बबलू बिंद,अमरेश चंद सिन्हा,वीरेंद्र सिंह,पनारू मौर्य,स्नेह जायसवाल , सरजू चौहान,संजय निगम,गोपाल चौबे,सतीश कसेरा, निमेष गुप्ता ,संदीप वर्मा ,विजय सिंह बागी ,श्रवण गुप्ता , पवन पांडे ,भोलानाथ यादव ,साजिद अली ,श्री सुभाष राम , सहित काफी संख्या मे कांग्रेस जन उपस्थित रहे। अध्यक्षता प्रोफेसर अनिल कुमार उपाध्याय एवं संचालन डॉक्टर जितेंद्र सेठ ने किया।
