
वाराणसी।वसंत कन्या महाविद्यालय में महिला अध्ययन प्रकोष्ठ एवं युवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में छह दिवसीय लिंग-संवेदनशीलता अनुसंधान कार्यशाला के अंतर्गत चौथे दिन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के पहले सत्र का विषय “महिला, स्वास्थ्य और लिंग (जेंडर) एवं दूसरे सत्र में क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने शुभकामनाएं दी।
प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. शिप्रा धर (स्त्रीरोग विशेषज्ञ -काशी मेडिकेयर )उपस्थित रही।
मुख्य वक्ता का स्वागत डॉक्टर अनुराधा बापुली द्वारा किया गया।
डॉ. शिप्रा ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से जेंडर के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी शारीरिक स्वछता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। महिलाओं को मासिक धर्म के समय पैड का उपयोग अवश्य करना चाहिए। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए 8 घंटे की नींद ,पौष्टिक भोजन,योग जरूर करना चाहिए।तले हुए खाद्य-पदार्थों, पैकेज्ड फूड से दूर रहना चाहिए।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।जिसमें सभी प्रतिभागियों ने बढ़ -चढ़ कर प्रतिभागिता की। इस कार्यशाला के द्वारा प्रतिभागियों को जेंडर के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर मिला, जिससे उनके शोध और सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन की संभावना बनी।
कार्यशाला का सफलतापूर्वक संयोजन डॉ अनुराधा बापुली तथा संचालन डॉ श्वेता सिंह द्वारा किया गया।
इस अवसर पर कार्यशाला के आयोजन समिति के सदस्य जिनमें, डॉक्टर प्रतिमा सिंह,डॉ. मालविका, डॉ. शुभांगी , डॉक्टर अनु सिंह आदि उपस्थित रहे।
