
योग और संस्कृत जागरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल
एक माह तक चलेगा निःशुल्क योग एवं संस्कृत संभाषण शिविर
वाराणसी।श्री काशी धर्मपीठ, रामेश्वर मठ एवं आर्यावर्त सिद्धान्त संरक्षक न्यास के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को काशी के पवित्र रविदास घाट पर निःशुल्क योग शिविर एवं संस्कृत सम्भाषण शिविर का भव्य शुभारम्भ हुआ। जिसमें शिवाजी नगर कॉलोनी, छित्तूपुर रमना,लंका स्थित श्री स्वामीनारायण तीर्थ वेद विद्यालय एवं असि स्थित श्रीस्वामी नारायणानन्द तीर्थ संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सैकड़ो वेद स्वाध्यायी बटुकों से लेकर आबालवृद्ध पर्यन्त भारत सहित अमेरिका, कनाडा तथा बांग्लादेश समेत कई अन्य देशों से लोगों ने आफलाइन एवं आनलाइन माध्यम से योग के साथ संस्कृत सम्भाषण हेतु आनन्द पूर्वक जुड़े।
कार्यक्रम के संयोजक पूज्य श्री लखन स्वरूप ब्रह्मचारी जी महाराज जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत पूरे विश्व का अनादिकाल से गुरु रहा है। उस भारत के ज्ञान एवं अध्यात्म का निदर्शन काशी करती है। ऐसे काशी में श्री काशी धर्मपीठ एवं आर्यावर्त न्यास के द्वारा लोगों को योग एवं संस्कृत के विशुद्ध परम्परा के साथ जोड़ने का एक सत् संकल्प है। प्रातः डॉ. राकेश पाण्डेय के प्रशिक्षण में योग शिविर का आयोजन हुआ।
इसके उपरान्त प्रातः संस्कृत को जनभाषा बनाने की दिशा में एक अनुकरणीय प्रयास के रूप में संस्कृत सम्भाषण शिविर का शुभारम्भ हुआ। जिसका प्रशिक्षण का सूत्रपात काशी के वैदिक परिपाटी के अपूर्व विद्वान् तथा संस्कृत के सरल व्याख्याता वेद मूर्ति श्री विकास दीक्षित द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में द्विशताधिक आफलाइन तथा असंख्य संख्या में आनलाइन आदि विधाओं से साधकगण, संस्कृत प्रेमीजन एवं नगरवासियों ने भाग लेकर अपने आपको लाभान्वित कर रहे हैं।
इस दिव्य आयोजन के संयोजक लखनस्वरुप ब्रह्मचारी जी महाराज की प्रेरणास्पद भूमिका उल्लेखनीय रही, जिनके संरक्षण एवं मार्गदर्शन में यह संकल्प क्रियान्वय हुआ।
इस शिविर में युवा वर्ग, विद्यार्थी, साधु-संत, गृहस्थ जन एवं संस्कृत व योग के प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आयोजन का उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, विशेषतः संस्कृत भाषा एवं योग साधना को जनमानस के मध्य यथा साध्य सरल तथा पारम्परिक पूर्ण वैज्ञानिक विधा से सम्प्रेषित करना है।
यह शिविर प्रतिदिन प्रातः 5:00 बजे से रविदास घाट पर निःशुल्क संचालित किया जा रहा है।
संस्था ने अधिकाधिक जनसामान्य से अनुरोध किया है कि वे इस लोकमंगलकारी कार्यक्रम में सहभागी बनें और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ें। कार्यक्रम का कार्यक्रम का संचालक रामेश्वर मठ के प्रबंधक डॉक्टर वरुणेश चंद्र दीक्षित ने किया तथा धन्यवाद दिनेश अरोड़ा ने किया।
