
परंपरा, आस्था और श्रद्धा का दिखा संगम, व्रती महिलाओं में उत्साह
वाराणसी (शिवपुर)। वट सावित्री व्रत पर सोमवार को शिवपुर में आस्था का अनूठा दृश्य देखने को मिला। सुहागिन महिलाओं ने विधि-विधान से वटवृक्ष की पूजा कर पति की दीर्घायु व अखंड सौभाग्य की कामना की। सुबह से ही व्रती महिलाएं परंपरागत परिधानों में सजधज कर पूजा सामग्री के साथ वटवृक्षों के नीचे एकत्र हुईं।
महिलाओं ने लाल, पीले वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लिया। पूजा के दौरान वटवृक्ष की सात बार परिक्रमा कर डोर (मौली) लपेटा और सावित्री-सत्यवान की कथा का श्रवण किया गया। इसके बाद व्रतियों ने यमराज से अपने पति को पुनः प्राप्त करने वाली सावित्री की पौराणिक कथा के माध्यम से दृढ़ संकल्प और पतिव्रता धर्म की महत्ता को आत्मसात किया।
नगर के प्रमुख मंदिरों, वटवृक्ष स्थलों व सार्वजनिक स्थानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। विशेष रूप से शिवपुर स्थित शनिदेव मंदिर प्रांगण में स्थित विशाल वटवृक्ष के नीचे महिलाओं ने श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। वहीं सुद्दीपुर स्थित चंद्रिका माता मंदिर और अन्य स्थानीय स्थल पर भी विशेष आयोजन हुए, जहां पूजा के बाद महिलाओं ने पूजा कर एक-दूसरे को सुहाग की सामग्री भेंट की।
बाजारों में भी दिनभर चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर और पूजा सामग्री की खरीदारी को लेकर रौनक रही। इस अवसर पर नगर प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और सफाई की विशेष व्यवस्था की गई थी।
वट सावित्री व्रत उत्तर भारत में विशेष रूप से मनाया जाता है। यह व्रत सावित्री की तप, सेवा और धैर्य का प्रतीक माना जाता है।
