वाराणसी।पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को महिला आयोग ने सिगरा स्थित रुद्राक्ष के सभागार में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। जिसमें लोकमाता के द्वारा किए गए समाज सेवा के कार्यों के बारे में विस्तृत चर्चा की गई।अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर कहा कि अहिल्याबाई होल्कर का जीवन शौर्य, साधना, सेवा, समर्पण, संयम और सादगी का मिसाल था और भाजपा ऐसे दिव्य विभूतियों के आदर्शों और आचरण को आत्मसात कर निरंतर जनकल्याण के मार्ग पर अग्रसित है। अहिल्याबाई जिस परिवेश से आई थी उस कालखंड में अपना कद इतना बड़ा बना लेना कोई सामान्य बात नहीं थी। अंग्रेजों के फैलते साम्राज्यवाद और “बांटो और राज करो” की नीति के आगे बड़े-बड़े राजा धराशाई हो गए, उस कालखंड में समाज के आखिरी पायदान की एक सामान्य घर की बिटिया के संस्कारों से सम्मोहित हो मालवा के राजा ने उन्हें अपनी पुत्रवधू बनाया।

उन्होंने कहा कि संपूर्ण देश के मंदिरों की पूजा व्यवस्था और उनके आर्थिक प्रबंधन पर भी उन्होंने विशेष ध्यान दिया। बद्रीनाथ से रामेश्वरम और द्वारिका से लेकर पुरी तक आक्रमणकारियों द्वारा क्षतिग्रस्त मंदिरों का पुनर्निर्माण, आक्रमण काल में खंडित तीर्थ यात्राओं में उनके प्रयासों से नवीन चेतना आई। इन वृहद कार्यों के कारण ही उन्हें पुण्यश्लोक की उपाधि मिली।

उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई ने जिस नीतियों के साथ जनता की सेवा की, अपने प्रजा के लिए कार्य किये उन्हीं नीतियों को अपनाकर हमारे देश में काम हो रहा है। माता अहिल्याबाई जी ने अपनी परंपरा और परिवर्तन को साथ करते हुए आज हम सभी के लिए प्रेरणा की स्रोत बन गई हैं। वह जितनी प्रासंगिक अपने समय में थी उतनी ही प्रासंगिक आज भी हैं।

उन्होंने कहा कि महारानी अहिल्याबाई जी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि उनके पदचिन्हों पर चलते हुए हम अपने देश को विकसित भारत बनाएं। अपने देश को आगे बढ़ाने के लिए हम सब कंधे से कंधा मिलाकर काम करें, हम अपनी महिलाओं को सुरक्षा दें, उन्हें नेतृत्व दें, उन्हें सम्मान दें, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उन्हें आगे बढ़ाएं साथ ही देश के विकास की प्रगति का उन्हें हिस्सा बनाएं। हमारे देश के जीडीपी में भी महिलाओं का काफी महत्वपूर्ण योगदान है। महिलाओं को हम आत्मनिर्भर बनाएं। महारानी अहिल्याबाई ने इस देश के लिए, इस प्रदेश के लिए जो सपना देखा था, इस सपने को अखंडता के साथ देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी साकार कर रहे हैं।

कार्यक्रम के प्रारंभ में मंचासीन अतिथियों द्वारा पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर जी की तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलंकर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

समारोह में वरिष्ठ कवि,प्रखर वक्ता डा कुमार विश्वास मुख्य अतिथि रहे।

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