संगोष्ठी का चौथा दिन 

 

वाराणसी।श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस, कलबुर्गी, कर्नाटक व अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में ‘उच्च शिक्षा में मूल्यों का समावेश’ विषय पर छह दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का आयोजन श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस, कलबुर्गी, कर्नाटक में किया जा रहा है।

संकाय विकास कार्यक्रम का आज चौथे दिन का मुख्य विषय “उच्च शिक्षा में मूल्यों को समाहित करने की रणनीतियाँ” रहा। इस सत्र की शुरुआत पिछले दिनों की महत्वपूर्ण चर्चाओं के सारांश के साथ हुई।

प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो. प्रेम नारायण सिंह, निदेशक अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र, वाराणसी , और प्रो. विश्वनाथप्पा, रेजीनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ एजुकेशन , नेल्लोर इस सत्र के विशेषज्ञ वक्ता रहे। प्रो. सिंह ने शैक्षिक प्रक्रियाओं में मूल्यों को प्रभावी ढंग से एकीकृत करने की रणनीतियों पर बात किया, जिनमें अनुभवात्मक शिक्षा, संवाद एवं चर्चा, आत्मचिंतन, कहानी कहने और परियोजना आधारित शिक्षण जैसी विधियाँ शामिल हैं। उन्होंने पाठ्यक्रम संरचना में मूल्यों और नैतिकता के समावेश को आवश्यक बताया।

वहीं, प्रो. विश्वनाथप्पा ने उच्च शिक्षा में सहयोग, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को विकसित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने पाठ्यचर्या नवाचार और संस्थागत सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और नैतिक नेतृत्व को बढ़ावा दिया जा सके।

प्रश्नोत्तर सत्र में शिक्षाविदों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे चर्चा और अधिक समृद्ध हुई। यह कार्यक्रम देशभर के शिक्षाविदों को प्रेरित कर रहा है, और शिक्षा को धर्म, सेवा, एवं मानव उत्कृष्टता के मूल सिद्धांतों से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।

इस सत्र का संचालन IUCTE के डॉ. ज्ञानेंद्र ने किया, जिन्होंने कार्यक्रम के मास्टर ऑफ सेरेमनी की भूमिका निभाई। दिन का समापन आभार ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के योगदान को सराहा गया। इस कार्यक्रम में भारत भर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के 150 से अधिक शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। इस कार्यक्रम का संयोजन प्रो. मीनाक्षी बिश्वाल और प्रो. अजय कुमार सिंह द्वारा किया जा रहा है।

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