रिपोर्ट :-उपेन्द्र कुमार पांडेय 

 

आजमगढ़।भोजपुरी पांडुलिपि प्रकाशन योजना के तहत तथागत ट्रस्ट के द्वारा चयनित गोपालगंज बाजार आजमगढ़ के लोक कवि व गीतकार लालबहादुर चौरसिया लाल की अप्रकाशित भोजपुरी पुस्तक “चुभे लागल बरगद के छाँव” सहित कुल चार रचनाकारों की कृतियों का प्रकाशन व लोकार्पण तथागत ट्रस्ट द्वारा शनिवार को वाराणसी के बनारस पब्लिक स्कूल,बरजी गांव में संपन्न कराया गया।

पुस्तक का प्रकाशन भोजपुरी प्रकाशन द्वारा तथा वितरक सर्वभाषा प्रकाशन द्वारा किया गया।

इस अवसर पर लालबहादुर चौरसिया लाल को मुख्य अतिथि श्री शिव प्रताप शुक्ला (महामहिम राज्यपाल तेलंगाना), अध्यक्ष- प्रो सदानंद शाही जी (वरिष्ठ साहित्यकार) संरक्षक-डॉ.नागेंद्र प्रसाद सिंह(पूर्व आई.ए.एस.) कार्यकारी अध्यक्ष-भारतीय शिक्षा बोर्ड व वरिष्ठ साहित्यकार तथा तथागत ट्रस्ट की संचालिका डॉ सोनी पांडेय द्वारा तथागत सम्मान स्मृति चिन्ह व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

इस पुस्तक को लेकर अब तक लालबहादुर चौरसिया लाल की कुल तीन पुस्तकें प्रकाशित हो गई हैं। पहली पुस्तक- “आंसू से मुस्कान लिखेंगे” काव्य संग्रह सन् 2021, प्रकाशन -अनन्य प्रकाशन वाराणसी, वितरक- नारायण पब्लिकेशन वाराणसी ।दूसरी पुस्तक- “मैं मधुमास ढूँढ़ने आया” काव्य संग्रह सन् 2024, प्रकाशन -मुंबई हिंदी अकादमी, वितरक – आर के पब्लिकेशन मुंबई। इसके पूर्व लालबहादुर चौरसिया लाल की सात कविताएं व एक जीवनी आईसीएसई व सीबीएसई बोर्ड की हिंदी पाठ्पुस्तक में शामिल हैं। अबकी लाल बहादुर चौरसिया लाल की तीसरी व भोजपुरी भाषा की पहली पुस्तक है।

लाल जी की इस उपलब्धि पर आजमगढ़ के साहित्यकारों ने लालबहादुर चौरसिया लाल को बधाई दी है तथा लाल जी ने अपने शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया है।

“चुभे लागल बरगद के छांव” पुस्तक अमेजॉन एवं फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है।

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